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ग्वालियर कीअनुष्का ने चैलेंजर ट्रॉफी में ऑल राउंड क्रिकेट खेलकर INDIA-B को जिताई चैंपियनशिप

ग्वालियर कीअनुष्का ने चैलेंजर ट्रॉफी में ऑल राउंड क्रिकेट खेलकर INDIA-B को जिताई चैंपियनशिप

ग्वालियर. शहर की 18 साल बेटी अनुष्का शर्मा ने राष्ट्रीय स्तर पर शहर का नाम रोशन किया है। अनुष्का ने BCCI द्वारा जयपुर में हुई UNDER-19 गर्ल्स ONE DAY चैलेंजर ट्रॉफी चैंपियनशिप में INDIA-B टीम की कप्तान के रूप में शानदार ऑल राउंड (54 रन, 2 विकेट) प्रदर्शन करते हुए अपनी टीम को ट्रॉफी जिता दी है। यहां यह भी बता दें कि ग्वालियर की बेटी की कप्तानी में INDIA-B इस चैंपियनशिप में शुरू से लेकर खिताब जीतने तक एक भी मैच नहीं हारी और अपराजेय रही है। अनुष्का ग्वालियर के मध्यम वर्गीय परिवार से हैं। सबसे पहले उनकी प्रतिभा को उनके IIT सिलेक्ट भाई आयुष ने पहचाना था। भाई के साथ छत पर खेल-खेल कर ही उनकी प्रतिभा इतनी निखरी है। अब वह मध्य प्रदेश की सीनियर गर्ल्स टीम के लिए सिलेक्ट हो गई हैं।

ऑल इंडिया अंडर 19 गर्ल्स क्रिकेट टूर्नामेंट में मध्यप्रदेश की जूनियर टीम का नेतृत्व कर चुकी ग्वालियर की अनुष्का शर्मा ने BCCI की इस प्रतियोगिता में भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रतियोगिता के फाइनल में INDIA-B का मुकाबला INDIA-D के साथ था। INDIA-D ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग चुनी और 48.5 ओवर में 140 रनों पर ऑल आउट हो गई। विरोधी टीम को ऑल आउट करने में कप्तान अनुष्का की बेहतरीन गेंदबाजी 7 ओवर में 16 रन देकर 2 विकेट भी रहे। इसके बाद 140 रन चैस करने उतरी INDIA-B टीम की कप्तान ने ओपन करते हुए 54 रन की पानी खेली। 9 विकेट से INDIA-B टीम ने फाइनल के साथ गर्ल्स चैंपियन ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया।
 MP सीनियर टीम की सदस्य बनीं
ग्वालियर की बेटी अनुष्का शर्मा ने एक और सफलता हासिल की है उनका चयन MP की सीनियर टीम के लिए भी हो गया है। इसके कैम्प के लिए अनुष्का जयपुर से सीधे बैंगलौर निकल गई हैं। अनुष्का शर्मा ग्वालियर के वरिष्ठ पत्रकार ब्रजमोहन शर्मा की बेटी हैं। घर में मां नीलम शर्मा और बड़ा भाई आयुष शर्मा हैं। बेटी की सफलता पर बृजमोहन शर्मा को शहर के लोग लगातार बधाइयां दे रहे हैं। अनुष्का के पिता ने बृहमोहन शर्मा ने बताया कि सबसे पहले बेटे आयुष ने अपनी बहन की प्रतिभा को पहचाना था। दोनों बहन भाई छत पर क्रिकेट खेलते थे। तब उसने बहन के शॉर्ट मारने के तरीके और बॉलिंग के स्किल्स को पहचान लिया था। उसने हमें बताया, लेकिन हमने उतना गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद उसे समर कैंप भेजा तो वहां भी उसने क्रिकेट को ही चुना। वहां क्रिकेट कोच हेमा ताई ने उसके खेल के बारे में बताया और फिर परिवार को भी लगा कि उसे इस दिशा में आगे बढ़ाना चाहिए। प्रोफेशनल क्रिकेट में उसकी पहली कामयाबी वर्ष 2017 में मिली, जब वह UNDER-16 टीम के लिए खेली और पहले ही बड़े टूर्नामेंट में बेस्ट ऑल राउंडर का खिताब अपने नाम किया। इसके बाद उसके कदम रुके नहीं। MP, BCCI सभी स्तर पर UNDER-19 चैंपियनशिप में कप्तानी की और जीत दिलाई।

 

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