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पुरानी रंजिश को लेकर फायरिंग , एक युवक घायल , बदमाश मरा समझकर छोड़ गए

पुरानी रंजिश को लेकर फायरिंग , एक युवक घायल , बदमाश मरा समझकर छोड़ गए

ग्वालियर . 28 साल से चली आ रही खूनी रंजिश के चलते एक बार फिर ताबड़तोड़ गोलियां चली हैं। इस रंजिश में दो की हत्या, 6 से ज्यादा बार गोलियां चलने से लोग घायल हो चुके हैं। मंगलवार सुबह ट्रैक्टर लेकर खेत के लिए निकले जितेन्द्र को झाड़ियों में छुपे हमलावरों ने घेर लिया। वह गाड़ी से उतर पाता उससे पहले ही ताबड़तोड़ गोलियां चलाना शुरू कर दिया। एक गोली जितेन्द्र की पीठ और कूल्हे के नीचे लगी है और वह ट्रैक्टर से जमीन पर गिर पड़ा। इसी बीच जितेन्द्र के परिजन पहुंचे और बचाव के लिए गोलियां चलाईं। नीचे गिरे युवक को मृत समझकर हमलावर भाग गए। घायल के परिजन ने घटना की सूचना पुलिस को दी और घायल को लेकर JAH के ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे हैं। घायल की हालत गंभीर है। पुलिस ने स्थिति को संभाला है। हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जिन पर हमला करने का आरोप है कि उनके परिवार के एक सदस्य सिकंदर लोधी की 13 मई 2020 को मुरार के जड़ेरूआ में घेरकर हत्या की गई थी।

महाराजपुरा के गिरगांव निवासी जितेन्द्र सिंह गुर्जर (32) पुत्र दर्शन सिंह गुर्जर किसान है। मंगलवार सुबह वह घर से ट्रैक्टर लेकर खेत के लिए निकला था। अभी वह खेत पर पहुंचा ही था कि तभी अचानक 10 से 12 के लगभग हमलावरों ने उसे चारों तरफ से घेरकर फायरिंग कर दी। फायरिंग का पता चलते ही अन्य परिजन वहां पर पहुंचे तो हमलावरों ने उन पर भी फायरिंग की। इधर गोली लगने से जितेन्द्र ट्रैक्टर से जमीन पर आ गिरा। दूसरी तरफ से फायरिंग होते देखकर हमलावर वहां से भाग निकले। मामले का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। परिजन ने इलाज के लिए घायल को तत्काल जयारोग्य अस्पताल पहुंचाया है। डॉक्टर ने घायल का इलाज शुरू कर दिया है। हमला करने वालों में पड़ोसी जिरेना गांव को लोधी परिवार बताया गया है। दोनों परिवारों के बीच करीब 28 साल से रंजिश चली आ रही है।
हमलावरों में इनके नाम बताए
घायल के परिजन ने पुलिस को हमलावरों के नाम हरेन्द्र लोधी, श्रीकृष्ण नरवरिया, भगवान सिंह लोधी, दीपक लोधी, रामलाल लोधी, टीकाराम लोधी, हरगोविन्द लोधी, अजब सिंह, राजकुमार व तीन अन्य के नाम बताए है। पुलिस ने उनकी शिकायत पर बताए गए आरोपियों के घरों पर टीमें रवाना कर दी है।
28 साल पहले हत्या से शुरू हुई थी रंजिश
– इस खूनी रंजिश की मूल जड़ 28 साल पहले सन 1993 में शुरू हुई थी। गिरगांव निवासी अजमेर सिंह गुर्जर की हत्या जिरेना गांव निवासी तुलसीराम लोधी ने अपने भाई के साथ मिलकर की थी। इस हत्या में उनको सजा हुई थी। इस हत्या की आग अजमेर सिंह के पोते धर्मवीर सिंह गुर्जर के दिल में सुलग रही थी। इसका बदला एक साल पहले 13 मई 2020 को लिया गया। जब मृतक अजमेर सिंह के पोते धर्मवीर ने दादा की हत्या करने वाले तुलसीराम के लड़के सिंकदर लोधी की मुरार के जड़ेरूआ में घेरकर हत्या कर दी थी। जब सिकंदर दूध देने बाइक से निकला था तो जड़ेरूआ पर उसे घेरकर पहले स्कॉर्पियो से टक्कर मारी फिर गोलियों से भून दिया। उस समय मृतक के भाई श्रीकृष्ण नरवरिया की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज हुआ था। जिसमें 9 आरोपी थे। अब मंगलवार हुए हमले में श्रीकृष्ण नरवरिया पर भी गोलीबारी करने का आरोप लगाया गया है।

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