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लॉकडाउन में बेरोज़गार हुआ ड्राइवर बन गया शातिर ठग

लॉकडाउन में बेरोज़गार हुआ ड्राइवर बन गया शातिर ठग

भोपाल.भोपाल सायबर क्राइम ब्रांच पुलिस (cyber crime branch police) ने ऐसे शातिर ठग (thug) को गिरफ्तार किया है, जो पेशे से ड्राइवर है. लेकिन वह अच्छे खासे पढ़े-लिखे लोगों को चूना लगा रहा था. आरोपी ठग फोन-पे पर केश बैक के नाम पर ठगी करता था. सायबर क्राइम ब्रांच की पूछताछ में आरोपी ने भोपाल (bhopal) के साथ प्रदेश के दूसरे लोगों के साथ ठगी की वारदात करना कबूल है.

फोन पे पर कैश बैक के नाम पर ठगी की शिकायत साइबर क्राइम ब्रांच को मिल रही थी. इन शिकायत करने वालों में कोलार में रहने वाले पंकज राय, नेहरू नगर की संध्या अहिरवार और अंबेडकर नगर के अभिषेक झा शामिल थे. जब एक के बाद एक कई शिकायतें साइबर क्राइम ब्रांच पुलिस के पास पहुंची तो इस मामले को वरिष्ठ अधिकारियों ने गंभीरता से लिया. पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच की तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए. आरोपी के झांसे में आकर सभी फरियादियों ने लिंक पर क्लिक करके यूपीआई पिन डाल दिया और खाते से  14000, 14000 और 3000 रूपए आरोपी के खाते में ट्रॉसफर कर दिए. साइबर क्राइम ब्रांच ने शिकायत की जांच पर धारा 420 भादवि में अलग-अलग तीन अपराध दर्ज किए.

आरोपी अपने मोबाइल फोन से लोगों के नंबर पर कॉल करता था और फोन पे पर कैशबेक का ऑफर  बताता था. जिन व्यक्तियों के मोबाइल पर फोन पे एप्लिकेशन नहीं होता था, उनसे आगे बात नहीं करता था. जिनके पास फोन पे एप्लिकेशन होता था, उनका फोन पे नंबर पूछकर उस पर कैश बैक के नाम पर रिक्वेस्ट लिंक भेजता था. लिंक पर क्लिक करने और यूपीआई पिन डालने पर लोगों का पैसा आरोपी के फोन पे अकाउंट में ट्रांसफर हो जाता था. आरोपी यह पैसा तुरन्त अपने पेटीएम अकाउंट में ट्रॉफसर करके एटीएम से पैसा निकाल लेता था.

आरोपी पेशे से ड्राइवर
आरोपी की पहचान सानू ढाके के तौर पर हुई है. उम्र महज़ 26 साल है. वो बालाघाट के साकडी गांव का रहने वाला था. वो पेशे से ड्रायवर था. लेकिन लॉकडाउन में काम धंधा बंद होने के कारण उसने ये अपराध शुरू कर दिया था.

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