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मध्य प्रदेश में नहीं बढ़ेंगे जमीन के दाम

मध्य प्रदेश में नहीं बढ़ेंगे जमीन के दाम

भोपाल । लॉकडाउन के बाद मध्‍य प्रदेश सरकार ने जनता को राहत देने के लिए इस बार कलेक्टर गाइडलाइन में जमीनों के दाम नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया है। 2019-20 की गाइडलाइन के दरें ही 2020-21 में यथावत रहेंगी। हालांकि, निर्माण दरों में वृद्धि की गई है, यह एक जुलाई से लागू हो जाएगी। इसको लेकर सोमवार को केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक संपन्न हुई।

निर्णय लिया गया कि प्रदेश की किसी भी लोकेशन में जमीनों के दाम नहीं बढ़ाए जाएंगे। नई गाइडलाइन एक जुलाई से लागू होगी। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड के अध्यक्ष सुखवीर सिंह ने बताया कि भोपाल, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी, बैतूल, अशोक नगर एवं पन्न जिले में कोई भी नई लोकेशन तय नहीं की गई है।

वहीं, त्रुटि सुधार का भी प्रस्ताव नहीं किया गया है। वहीं, अन्य 43 जिलों में कुछ लोकेशनों में त्रुटि सुधार व नई लोकेशन जोड़कर क्षेत्र प्रबंधन किया जाएगा। इस प्रस्ताव को अनुमति दी गई है। उन्होंने बताया कि 2019-20 में प्रचलित उपबंधों में कोई संशोधन नहीं किया गया है। लिहाजा, रजिस्ट्री पुराने उपबंधों के आधार पर ही की जा सकेगी।

बता दें कि नई निर्माण दरें केवल आरसीसी निर्माण पर ही लागू होंगी। आरबीसी, चिप गार्डर फर्शी की छत, टीन शीट, अंग्रेजी टाइल्स की छत, कच्चा और कवेलू निर्माण पर नई दरें लागू नहीं होंगी। नगर निगम क्षेत्र में 1200 रुपये वर्गफीट लगेगी निर्माण लागत बता दें कि राज्य सरकार ने शहरी क्षेत्रों में रजिस्ट्री के लिए मकान की निर्माण लागत (कंस्ट्रक्शन कॉस्ट) में सीधे 50 प्रतिशत की वृद्घि की थी।

वाणिज्यिककर विभाग के मुताबिक शहरों में कंस्ट्रक्शन कॉस्ट अभी 800 रुपये प्रति वर्ग फीट है, जो एक जुलाई से 1200 रुपये वर्गफीट हो जाएगी। जबकि, नगर निगम सीमा से सटे इलाकों में कॉस्ट 900 रुपये से बढ़कर 1100 रुपये (22.22 प्रतिशत), नगर पालिका क्षेत्र में 800 से 950 रुपये (18.75 प्रतिशत) और नगर परिषद में 500 से बढ़कर 600 रुपये (20) प्रति वर्ग फीट हो जाएगी। पंजीयन पुरानी रजिस्ट्री पुरानी कीमतों में ही होगी। बता दें कि पिछली सरकार ने गाइडलाइन में जमीनों के दाम 20 प्रतिशत घटा दिए थे। उसके बाद यह निर्णय आम जनता को राहत देगा।

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