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मोदी एनआरसी की बजाय शिक्षित बेरोजगारों का रजिस्टर तैयार कराएं: दिग्विजय

मोदी एनआरसी की बजाय शिक्षित बेरोजगारों का रजिस्टर तैयार कराएं: दिग्विजय

नई दिल्ली. कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने सोमवार को बेरोजगारी दर को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) की बजाय नेशनल रजिस्टर ऑफ एजुकेटेड अनइम्पलॉयड इंडियन सिटिजन तैयार कराएं। यह लोगों को एकजुट करने का एजेंडा होगा, न कि विभाजनकारी। वहीं, नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर कहा कि हमारे पास महात्मा गांधी के विचारों का विकल्प है, लेकिन जीत जिन्ना की हो रही है।

पिछले साल असम में जारी हुई एनआरसी की लिस्ट में 19 लाख से ज्यादा लोगों के नाम शामिल नहीं थे। कांग्रेस बेरोजगारी, अर्थव्यवस्था में गिरवट और नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर), राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) जैसे मुद्दों पर लगातार मोदी सरकार पर हमले कर रही है।

थरूर ने सीएए पर जयपुर में मोदी सरकार को घेरा

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने जयपुर में कहा कि अगर सीएए एनपीआर और एनआरसी लागू करने का आधार है तो यह सीधे तौर पर पाकिस्तान के जनक मोहम्मद अली जिन्ना की विचारधारा की जीत होगी। मैं ये नहीं कहता कि जिन्ना पूरी तरह जीतेंगे, क्योंकि हमारे पास महात्मा गांधी के विचारों का विकल्प है। लेकिन मुझे लगता है कि जिन्ना की जीत हो रही है। वे धर्म के आधार पर देश और नागरिकता चाहते थे, जबकि गांधीजी सभी धर्मों को बराबर मानते थे।

सीएए में गैर-मुस्लिमों को नागरिकता देने का प्रावधान
देशभर में विरोध के बावजूद सीएए दिसंबर में लागू हो चुका है। संशोधित कानून में तीन पड़ोसी देशों पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता देने के प्रावधान आसान किए गए हैं। इसके मुताबिक, 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आए शरणार्थियों को बिना दस्तावेजों के भारतीय नागरिकता दी जा सकेगी।

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