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सुप्रीम कोर्ट ने कहा- मीडिया का एक सेक्शन हर घटना को कम्युनल एंगल दे रहा, इससे देश का नाम खराब होगा

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- मीडिया का एक सेक्शन हर घटना को कम्युनल एंगल दे रहा, इससे देश का नाम खराब होगा

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मीडिया के एक सेक्शन में कम्युनल टोन में रिपोर्टिंग को लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर की। कोर्ट ने कहा कि इस तरह की रिपोर्ट्स से देश का नाम खराब हो सकता है। कोर्ट ने पिछले साल दिल्ली में तबलीगी जमात की गैदरिंग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। चीफ जस्टिस NV रमना ने कहा कि समस्या यह है कि मीडिया का एक सेक्शन देश में हर एक घटना को कम्युनल एंगल से दिखा रहा है। आखिरकार इससे देश का नाम ही खराब होगा।

अदालत ने सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे फेक न्यूज को लेकर चिंता जताई। साथ ही वेब पोर्टल की जवाबदेही को लेकर भी टिप्पणी की। रमना की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि वेब पोर्टल पर किसी का नियंत्रण नहीं है। खबर को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश हो रही है, जो कि एक बड़ी समस्या है।

अनिल देशमुख के वकील गिरफ्तार, पैसे देकर रिपोर्ट लीक करवाने का आरोप

महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख एक बार फिर विवादों में हैं। सीबीआई की एक रिपोर्ट को लीक करने के आरोप में केंद्रीय जांच एजेंसी उनके वकील आनंद डागा को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले देर रात सीबीआई ने अपने ही डिपार्टमेंट के सब इंसेक्टर अभिषेक तिवारी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि तिवारी ने ही अनिल देशमुख के वकील को कथित जांच रिपोर्ट की कॉपी रिश्वत लेकर लीक की थी। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार ने कहा कि हमने इस पर पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

बता दें कि पिछले हफ्ते सीबीआई की एक जांच रिपोर्ट का एक पेज मीडिया में लीक हुआ था, जिसमें अनिल देशमुख को कथित तौर पर क्लीन चिट देने की बात कही गई थी। जिसके बाद इस मामले में एक और केस दर्ज हुआ था।

लीक रिपोर्ट में जांच अधिकारी ने देशमुख के खिलाफ जांच को बंद करने की सिफारिश करते हुए कहा था कि उन्होंने “कोई संज्ञेय अपराध नहीं” किया है। इसके बाद से दावा किया जा रहा है कि देशमुख के खेमे ने एजेंसी के अधिकारियों से संपर्क करके जांच को प्रभावित करने की कोशिश की थी।

देशमुख के दामाद से भी हुई है पूछताछ
जांच रिपोर्ट के लीक होने पर एजेंसी ने शुरुआत में देशमुख के दामाद से पूछताछ की थी। उनसे पूछताछ के बाद डागा से अब पूछताछ की जा रही है। पिछले हफ्ते, जांच अधिकारी की सिफारिशों के खिलाफ देशमुख के खिलाफ मामला दर्ज करने की रिपोर्ट के बाद एजेंसी ने कहा कि मामला उच्च न्यायालय के एक आदेश के जवाब में दायर किया गया था।

एनसीपी का सीबीआई पर आरोप

एनसीपी ने सीबीआई पर अनिल देशमुख के दामाद को गलत तरीके से कस्टडी में लेने का आरोप लगाया है। एनसीपी प्रवक्ता एवं राज्य के मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि उसको कस्टडी में लेने से पहले किसी भी नियम या कार्यवाही का पालन नहीं किया गया। वह वर्ली स्थित अपने आवास से परिवार सहित बाहर निकल रहे थे. तभी अचानक 10-12 लोग आए और उन्होंने कस्टडी में ले लिया। क्या यह कानून का शासन है या शासकों का कानून है?

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