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मेरठ में 2.7 की तीव्रता से आया भूकंप, लोग घरों से निकले; 7 महीने के अंदर दूसरी बार महसूस हुए झटके

मेरठ में 2.7 की तीव्रता से आया भूकंप, लोग घरों से निकले; 7 महीने के अंदर दूसरी बार महसूस हुए झटके

उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 2.7 रही। अभी तक किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है। हालांकि, झटके महसूस होते ही लोग घरों से बाहर निकलकर खुले आसमान के नीचे आ गए। NCS की तरफ से जारी सूचना के मुताबिक, ये झटके सुबह 7 बजकर 3 मिनट पर महसूस किए गए। उधर, जम्मू कश्मीर में भी 3.6 की तीव्रता के झटके महसूस हुए।

7 महीने में दूसरी बार है जब मेरठ में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इससे पहले 12 फरवरी 2021 को भी यहां लोगों ने झटके महसूस किए थे। हालांकि तब इसका केंद्र पंजाब और दिल्ली एनसीआर था। दिल्ली एनसीआर में आए भूकंप की तीव्रता 6.1 थी। यही कारण है कि इसका असर आस-पास के कई जिलों में देखने को मिला था।

कितनी तीव्रता का भूकंप खतरनाक होता है ?
भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर नापी जाती है। इसके असर का अंदाजा उसके केंद्र से दूर उससे आहत हुए लोगों पर पड़े असर से लगाया जाता है। अगर भूकंप की गहराई उथली हो तो इससे बाहर निकलने वाली ऊर्जा सतह के काफी करीब होती है, जिससे तबाही बढ़ने की संभावना ज्यादा होती है। वहीं जो भूकंप गहरे होते हैं वह जमीन को ज्यादा नहीं हिलाते।

  • रिक्टर स्केल के अनुसार 2.0 की तीव्रता से कम वाले भूकंपीय झटकों की संख्या रोजाना लगभग आठ हजार होती है जो इंसान को महसूस ही नहीं होते।
  • 2.0 से लेकर 2.9 की तीव्रता वाले लगभग एक हजार झटके रोजाना दर्ज किए जाते हैं, लेकिन आम तौर पर ये भी महसूस नहीं होते।
  • रिक्टर स्केल पर 3.0 से लेकर 3.9 की तीव्रता वाले भूकंपीय झटके साल में लगभग 49 हजार बार दर्ज किए जाते हैं, जो अक्सर महसूस नहीं होते, लेकिन कभी-कभार ये नुकसान कर देते हैं।
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