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सड़क दुर्घटनाओं काे कम करने प्रदेश अपनाएगा तमिलनाडु माडल

सड़क दुर्घटनाओं काे कम करने प्रदेश अपनाएगा तमिलनाडु माडल

ग्वालियr। प्रदेश में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए परिवहन विभाग ने विजन जीरो मध्य प्रदेश काे लागू कर दिया है। इसके तहत तमिलनाडु माडल पर काम होगा। इसी माडल पर चलकर तमिलनाडु में दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों में 54 फीसद की कमी आई है। इसमें हाईवे पर एंबुलेंस की मैपिंग होगी और कम से कम समय में घायलों को अस्पताल पहुंचाना प्राथमिकता में रहेगा। स्कूल व कालेज में यातायात के नियम भी पढ़ाए जाएंगे। आज सुबह 11 बजे आइआइटीटीएम सभागार में विजन जीरो मध्य प्रदेश का शुभारंभ किया गया। इस दौरान परिवहन मंत्री गोविंद राजपूत वर्चुअल रूप से उपस्थित थे। मुख्य अतिथि के रूप में सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे मौजूद थे।

बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2014 में चिंता जताई थी। हर राज्य को सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए निर्देशित किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने मानीटरिंग के लिए एक कमेटी भी बनाई है। देश में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए तमिलनाडु ने बेहतर काम किया है। उसके माडल को सराहा भी गया है। हरियाणा भी इसी माडल पर काम कर रहा है। इस माडल में हर उस पहलू पर कार्य किया जाएगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। गौरतलब है कि वर्ष 2019 में मध्य प्रदेश में 49 हजार सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं। इसमें 11 हजार लोगों की मौत हुई थी।

शिक्षा: यातायात नियमों की जानकारी देने के लिए स्कूल व कालेजों को जोड़ा जाएगा। शिक्षकों के माध्यम से यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी। लोगों को जागरूक किया जाएगा कि दुर्घटना में घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने वाले व्यक्ति को पुलिस केस का सामना नहीं करना पड़ेगा।

सुधार: सड़क बनाने वाले इंजीनियरों को जोड़ा जाएगा। पीडब्ल्यूडी, सीपीडब्ल्यूडी, एनएचएआइ, नगर निगम के इंजीनियरों की इसमें भागीदारी रहेगी। हाईवे पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान की जाएगी। संयुक्त रूप से काम कर सड़क में सुधार किया जाएगा।

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