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EOS-03 Launch: कामयाब नहीं हो सका इसरो का मिशन, तीसरे स्टेज पर भटका सैटेलाइट

EOS-03 Launch: कामयाब नहीं हो सका इसरो का मिशन, तीसरे स्टेज पर भटका सैटेलाइट

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो (ISRO) ने गुरुवार सुबह 5.45 पर सैटेलाइट EOS-3 लॉन्च किया जो सफल रहा। यह सैटेलाइट एक अर्थ ऑब्जरवेशन सैटेलाइट था जिसका उद्देश्य अंतरिक्ष से भारत की सीमाओं पर नजर रखना था। जानकारी के मुताबिक, तीसरे चरण पर क्रायोजेनिक इंजन में गड़बड़ी के कारण मिशन फेल हो गया। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि वे निकट भविष्य में इसकी लांचिंग की एक और कोशिश करेंगे। इससे पहले लांचिंग दो बार रोक दी गई थी। वैज्ञानिकों के मुताबिक,गुरुवार सुबह 5.45 बजे EOS-3 सैटेलाइट की लॉन्चिंग की गई, जो सफल रही। सुबह 5.43 बजे इसरो ने EOS-3 सैटेलाइट को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया। सारे स्टेज सही समय पर अलग होते चले गए, लेकिन तीसरे चरण में क्रायोजेनिक इंजन से आंकड़ें नहीं मिले। निगरानी की खूबियों के कारण ही इस प्रोजेक्ट को आई टू स्टाय नाम दिया गया था।

तीसरे चरण में नाकामी: लिफ्ट-ऑफ से पहले लॉन्च ऑथराइजेशन बोर्ड ने योजना के अनुसार सामान्य लिफ्ट-ऑफ के लिए डेक को मंजूरी दे दी थी। मिशन कंट्रोल सेंटर के वैज्ञानिकों ने कहा कि पहले और दूसरे चरण में रॉकेट का प्रदर्शन सामान्य रहा। नासास्पेसफ्लाइट डॉट कॉम (एनएसएफ) के क्रिस बर्गिन के अनुसार, तीसरे चरण की उड़ान के दौरान मिशन को बड़ी विफलता का सामना करना पड़ा। तीसरा चरण इग्निशन के तुरंत बाद शुरू हुआ, और यही से सैटेलाइट भटकता चला गया। मिशन की विफलता की घोषणा करते हुए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो (ISRO) के अध्यक्ष के. सिवन ने कहा, क्रायोजेनिक चरण में तकनीकी विसंगति देखी गई और मिशन पूरा नहीं किया जा सका।

स्पेसफ्लाइट नाउ के अनुसार, इसरो ने पुष्टि की है कि जीएसएलवी एमके 2 लॉन्च क्रायोजेनिक चरण में विफल रहा। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2017 के बाद से किसी भारतीय अंतरिक्ष प्रक्षेपण में यह पहली विफलता है। इश दौरान लगातार 14 सफल मिशन को अंजाम दिया जा चुका है।

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