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चंबल और सिंध का पानी खतरे के निशान से नीचे आते ही बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों की चिंता हुई कम

चंबल और सिंध का पानी खतरे के निशान से नीचे आते ही बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों की चिंता हुई कम

भिंड।  जिले में नदियों के उफान पर आने से 67 गांव पूरी तरह बर्बाद हो गए है। अब धीरे-धीरे पानी का बहाव उतार रहा है। जल संशाधन विभाग द्वारा जारी रिपार्ट में अब चंबल और सिंध का पानी खतरे के निशान से नीचे उतर गई है। पानी नीचे आते ही बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों की टेंशन दूर हो गई।

पिछले 10 दिनों से भिंड जिले की चंबल नदी और सिंध नदी उफान पर है। दोनों ही नदियों की वजह से 67 गांव तबाह मचाई है। इन गांव के लोगों को घर-द्वार छोड़कर बीहड़ों के ऊंचे टीलों का आश्रय लेना पड़ा है। दो दर्जन गांव ऐसे थे जिनमें लोग वापस नहीं जा पा रहे थे। इन गांव के घरों में बाढ़ का कीचड़ भर गया है। वहीं, कच्चे मकान बह गए है। पक्के मकान भी जवाब दे चुके हैं। ऐसे में यह लोगों ऊंचे स्थल पर तिरपाल तानकर परिवार के साथ गुजर बसर कर रहे है। जैसे-जैसे नदियों का पानी उतरा वैसे वैसे घर पर पहुंच रहे और घर-गृहस्थी को उजड़ा हुआ मंजर को अपनी आंखों से देख रहे है।

सिंध का पौने दो मीटर और चंबल आधा मीटर उतरी

सिंध और चंबल नदी में पानी का बहाव अभी बहुत तेज है। फिलहाल दोनों नदियां खतरे के निशान से नीचे आ चुकी है। चंबल नदी का खतरे का निशान 122 मीटर है। बुधवार की सुबह चंबल का जलस्तर 122.49 मीटर बना हुआ है। इसी तरह से सिंध का जलस्तर 8.20 मीटर हो गया है। सिंध का खतरे का निशान 10 मीटर पर है।

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