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पुलिस अफसर की बहादुरी से मासूम बच्चे की जान बची, ट्रेन के सामने रेलवे ट्रैक पार कर पहुंचाया अस्पताल

पुलिस अफसर की बहादुरी से मासूम बच्चे की जान बची, ट्रेन के सामने रेलवे ट्रैक पार कर पहुंचाया अस्पताल

दतिया । पुलिस अफसर की बहादुरी से मासूम बच्चे की जान बच गई। बच्चा डैम में गिर गया था। पुलिस ने पहले उसे निकाला। थाना प्रभारी उसे गोद में उठाकर दौड़ते हुए ट्रेन के सामने से ट्रैक पार कर दिया, जबकि दोनों तरफ रेलवे फाटक बंद था। ट्रैक पर मालगाड़ी दौड़ रही थी। जैसे ही बच्चे को लेकर ट्र्रैक पार किया वैसे ही ट्रेन गुजरी। पहले से ही पुलिस की गाड़ी स्टार्ट थी और बच्चे को अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने कहा कि अगर 5 मिनट की भी देरी हो जाती तो बच्चे की जान चली जाती।

पूरी घटना का कुछ लोगों ने वीडियो बना दिया है। घटना रविवार शाम की है। दतिया चिरूला डेरा निवासी 11 वर्षीय हेमंत केवट अंगूरी नदी के किनारे बकरी चराने गया था। बकरी चलाते समय वह अंगूरी नदी के डैम में पैर फिसलने से गिर गया। जब बालक डूबने लगा तो वहां मौजूद कुछ लोगों की नजर उस पर पड़ी। तत्काल पुलिस को सूचना दी।

बालक के डैम में गिरने की सूचना मिलते ही चिरूला थाना प्रभारी गिरीश शर्मा पुलिस बल के साथ अंगूरी नदी डैम पर पहुंचे। बच्चा बार-बार पानी में डुबकी ले रहा था। डैम में डूब रहे बालक को थाना प्रभारी गिरीश शर्मा ने पुलिस बल के साथ रेस्क्यू कर निकाला। हेमंत की सांस उखड़ रहीं थी। मुंह और नाक में पानी भर गया था।

इसी समय डैम के पास रेलवे फाटक है, जो ट्रेन का सिग्नल होने पर बंद हो गया। अब पुलिस के सामने चुनौती थी कि दूसरी ओर पुलिस वाहनों तक बच्चे को कैसे जल्दी से जल्दी पहुंचाया जा सके। जिससे उसे अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाई जा सके।

इस पर सबसे पहले थाना प्रभारी गिरीश शर्माने बच्चे को पेट को दबाकर पानी बाहर निकाला और उसके बाद उसे गोद में उठाकर रेलवे फाटक की ओर दौड़ लगा दी। ट्रेन के गुजरने का इंतजार नहीं कर सकते थे। इसी समय एक मालगाड़ी आ रही थी। थाना प्रभारी गिरीश शर्मा ने रेलवे फाटक के नीचे से निकलकर ट्रैक पर दौड़ लगा दी और ठीक ट्रेन के सामने से छलांग लगाते हुए बच्चे को दूसरी पार पहुंचाया। यहां अपनी बोलेरो में उसे लिटाकर तत्काल हॉस्पिटल पहुंचाया।

डॉक्टर बोले समय पर लाने से बची जान

अस्पताल में बच्चे का तत्काल पुलिस ने ही इलाज शुरू कराया। डॉक्टरों ने तत्काल बच्चे के मुंह और नाक से पानी निकालकर ऑक्सीजन लगाई और उसकी जान बचाने में कामयाब रहे। हॉस्पिटल के डॉक्टरों का कहना था कि 5 मिनट की भी देरी हो जाती तो बच्चे की जान बचाना मुश्किल हो जाता। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और हर कोई पुलिस अधिकारी की बहादुरी और समझदारी की तारीफ कर रहा है। थाना प्रभारी गिरीश शर्मा का कहना है कि यह मेरा फर्ज था जो मैंने निभाया है। इसकी मुझे खुशी है मासूम की जान बचा सका।

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