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मानसून सेशन:जासूसी कांड पर सदन में हंगामा, राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित

मानसून सेशन:जासूसी कांड पर सदन में हंगामा, राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित

संसद के मानसून सेशन के आखिरी हफ्ते का कामकाज शुरू हो गया है। बीते तीन हफ्ते का कामकाज काफी हंगामेदार रहा है। माना जा रहा है कि यह सप्ताह भी शोर-शराबे की भेंट चढ़ सकता है। विपक्षी दल जासूसी कांड, तीन नए कृषि कानून और महंगाई के मुद्दों पर हंगामा कर रहे हैं। वे इन मसलों पर चर्चा कराने की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार का कहना है कि विपक्ष संसद नहीं चलने देना चाहती।

सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही लोकसभा में विपक्ष के नेता हंगामा करने लगे। इसे देखते हुए सदन की कार्यवाही 11:30 बजे तक स्थगित कर दी गई। पेगासस पर हंगामे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई है।

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में पेगासस प्रोजेक्ट पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव नोटिस भेजा है। वहीं, कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्यसभा में किसानों के प्रदर्शन को लेकर सस्पेंशन ऑफ बिजनेस नोटिस दिया।

कई अहम विधेयक पास कराने की तैयारी में सरकार
सेशन के आखिरी हफ्ते के पहले दिन ही सरकार कई अहम विधेयक पास कराने की तैयारी में है। सदन में आज राज्यों को OBC सूची बनाने का अधिकार देने वाला 127वां संविधान संशोधन विधेयक पेश होगा। माना जा रहा है कि कोई राजनीतिक दल आरक्षण संबंधी इस विधेयक का विरोध नहीं करेगा, जिससे वो आसानी से पास हो जाएगा।

सोमवार को लोकसभा में 6 बिल पेश होंगे
सोमवार को लोकसभा में कुल 6 विधेयक पेश होने हैं। इनमें OBC आरक्षण विधेयक के अलावा लिमिटेड लाइबिलीटी पाटर्नरशिप बिल, डिपॉजिट एंड इंश्योरेंस क्रेडिट गारंटी बिल, नेशनल कमीशन फॉर होम्योपैथी बिल, नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन बिल और द कॉन्स्टीट्यूशन एमेंडमेंट शिड्यूल ट्राइब्स ऑर्डर बिल शामिल हैं।

राज्यसभा में आज 4 विधेयक लाए जाएंगे
राज्यसभा में आज 4 विधेयक लाए जाएंगे, जो पहले ही लोकसभा से पारित हो चुके हैं। इनमें एप्रोपिएशन बिल तीन और चार पूर्व के खर्च को पारित कराने के लिए हैं। इनके अलावा ट्रिब्नयूल रिफॉर्म बिल एंड जनरल इंश्योरेंस बिल भी लिस्टेड हैं।

तीसरे हफ्ते राज्यसभा में 8 विधेयक पास हुए
संसद के मानसून सत्र के तीसरे हफ्ते में विपक्षी दलों के हंगामे के बीच राज्यसभा में 8 विधेयक पास हुए। इससे सदन के कामकाज में बढ़ोतरी हुई। यह दूसरे हफ्ते के 13.70% से बढ़कर 24.20% हो गया। 19 जुलाई को शुरू हुए सत्र के पहले हफ्ते में कामकाज सबसे ज्यादा 32.20% हुआ था। तीसरे हफ्ते में हंगामे की वजह से 21 घंटे, 36 मिनट बर्बाद हुए।

बिना बहस के ही पास हुए बिल
दोनों सदनों में हंगामे की वजह से कई बिल बिना बहस के ही पास हुए। यह स्वस्थ लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। सदन स्पीकर ने भी सांसदों को यह बार-बार याद दिलाया, लेकिन कोई खास असर होता नहीं दिखा। विपक्ष के कुछ नेताओं ने भी इस चलन का विरोध किया।

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