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श्योपुर-शिवपुरी में हालात सुधर रहे, भिंड-मुरैना के लिए और सेना बुलाएंगे- सीएम शिवराज

श्योपुर-शिवपुरी में हालात सुधर रहे, भिंड-मुरैना के लिए और सेना बुलाएंगे- सीएम शिवराज

ग्वालियर  ग्वालियर चंबल के शिवपुरी-श्योपुर में भीषण बाढ़ के बाद हालात धीरे-धीरे सुधर रहे हैं। हवाई सर्वे के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी कहा कि यहां अब जनहानि जैसी स्थिति नहीं है। हालाकि कोटा बैराज से भी चंबल नदी में पानी छोड़े जाने के कारण मुरैना-भिंड में खतरा बढ़ रहा है। यहां के लिए सेना की अतिरिक्त टुकड़ी बुलाई जाएगी। उधर सिंध नदी के रौध रूप बरकरार है। बुधवार को दतिया में दो और भिंड शिवपुरी में एक और पुल ढह गए। 24 घंटे में कुल पांच पुल नदी के बहाव में बह गए हैं। बाढ़ के बाद हालात धीरे-धीरे सुधर रहे हैं। हवाई सर्वे के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी कहा कि यहां अब जनहानि जैसी स्थिति नहीं है। हालाकि कोटा बैराज से भी चंबल नदी में पानी छोड़े जाने के कारण मुरैना-भिंड में खतरा बढ़ रहा है। यहां के लिए सेना की अतिरिक्त टुकड़ी बुलाई जाएगी। उधर सिंध नदी के रौध रूप बरकरार है। बुधवार को दतिया में दो और भिंड शिवपुरी में एक और पुल ढह गए। 24 घंटे में कुल पांच पुल नदी के बहाव में बह गए हैं।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शिवपुरी-श्योपुर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का हवाई दौरे के बाद अधिकारियों को निर्देश किये कि राहत सामग्री का वितरण युद्धस्तर पर किया जाना चाहिए। भिंड और मुरैना में खतरा अभी भी बरकरार है। इन दोनों जिलों के लिए अलग से सेना बुलाने को लेकर भी बात हो गई है।मौसम खराब होने की वजह से सीएम भिंड और मुरैना नहीं जा सके। उधर करैरा-नरवर में फंसे सैकड़ों लोगों को निकालने के लिए बबीना से आई सेना की बाढ़ नियंत्रण टुकड़ी ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। श्योपुर और शिवपुरी की बीच कूनो पुल टूटने से दोनों जिलों के बीच आवागमन बंद है।मुरैना में बुधवार शाम चंबल नदी खतरे के निशान से करीब 6 मीटर ऊपर पहुंच गई है। कोटा बैराज के 8 गेट खुलने के बाद चंबल नदी में 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। यह पानी दो दिन में मुरैना पहुंचेगा। इसे देखते हुए दिल्ली व आगरा से एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व प्रदेश के अन्य जिलों से एसएएफ की टीमंे बुलाई गई हैं। उधर क्वारी नदी के बहाव से दो पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। भिंड में चंबल और सिंध नदी में जलस्तर बढने से 129 गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। जिले के 30 गांव बाढ़ की चपेट में हैं।रतनगढ़ माता मंदिर पुल तथा लांच-पिछोर पुल के सिंध में बह जाने के बाद बुधवार को भी सिंध का उफान कम नहीं हुआ। तेज बहाव के कारण बुधवार सुबह सनकुआं के पास बना बड़ा पुल भी पानी में बह गया। सेवढ़ा को ग्वालियर से जोड़ने वाला लहार रोड स्थित इस पुल के अलावा भिंड को जोड़ने वाला इंदुर्खी का भी पुल टूट गया है। डबरा से दतिया को जोड़ने वाला पुल भी खतरनाक स्थिति में आ गया है। आवागमन बंद होने से दोनों ओर हजारों ट्रक व अन्य वाहन फंसे हुए हैं। शिवपुरी जिले अंतर्गत नरवर ग्वालियर को जोड़ने वाला पुल भी सिंध के बहाव में बह गया।

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