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कमल माखीजानी ने प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट को पत्र लिखकर जर्जर जनकगंज डिस्पेंसरी का मुद्दा उठाया, बोले- नया भवन बनाया जाए

कमल माखीजानी ने प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट को पत्र लिखकर जर्जर जनकगंज डिस्पेंसरी का मुद्दा उठाया, बोले- नया भवन बनाया जाए

ग्वालियर । BJP के महानगर अध्यक्ष कमल माखीजानी ने ग्वालियर के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट को पत्र लिखकर जनकगंज डिस्पेंसरी के भवन को जर्जर होने की बात लिखते हुए नए भवन का निर्माण करने और 20 बिस्तर के अस्पताल बनाने की मांग की है। शनिवार सुबह भिंड में एक हादसा हुआ है जिसमें जेल की जर्जर दीवार ढह जाने से 21 बंदी घायल हुए हैं। वहां भी जेल के अफसर कई बार दीवार को जर्जर बताकर नई बनाने की मांग कर चुके थे। देखना होगा ऐसे में इस मांग पर कितना जल्दी गौर फरमाया जाता है। साथ ही तहसील लश्कर का कार्यालय दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में ही रखे जाने की मांग करते हुए जल्द इस दिशा में निर्देश देने के लिए आग्रह किया है।

जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी ने जनकगंज में स्थित जनकगंज डिस्पेंसरी भवन को जर्जर बताकर उसे तोड़कर फिर से नए भवन का निर्माण किए जाने के लिए भी प्रभारी मंत्री सिलावट को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि यह भवन अब जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच चुका है। वहीं इस भवन में डॉक्टर और स्टॉफ के बैठने की उचित एवं पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं है। इस डिस्पेन्सरी में 300 से 500 मरीज प्रतिदिन आते हैं। इसके साथ ही यहां 20 बिस्तर वाला अस्पताल बनाए जाने की भी मांग की गई है। जिससे कि इस क्षेत्र के लोगों को यहीं इलाज मिल सकेगा। पत्र में डिस्पेंसरी में आकस्मिक सेवाएं प्रारंभ करने की भी मांग की गई है। दोनों पत्रों की प्रति सांसद विवेक नारायण शेजवलकर को भी भेजी गई है।BJP जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी ने पत्र में लिखा है कि तहसील लश्कर का कार्यालय कलेक्टोरेट भवन में स्थानांतरित किया जा चुका है। इस कारण ग्वालियर दक्षिण क्षेत्र के लोगों को छोटे-छोटे कार्य के लिए कलेक्टोरेट जाना पड़ता है। कलेक्टोरेट अधिक दूर होने से आने-जाने में समय तो लगता ही है साथ ही यहां आने-जाने के लिए परिवहन व्यवस्था भी नहीं है। इस कारण आम जन को काफी परेशानी होती है। उन्होंने लिखा है कि शासन अपने स्तर पर आमखो जनमित्र केन्द्र के पास ही CID ऑफिस तथा पुराना डायवर्सन कार्यालय मेजर करतार सिंह मार्ग में स्थान चयन कर तहसील लश्कर को स्थानांतरित किया जाना था। पत्र में माखीजानी ने कहा कि दक्षिण में गरीब, दलित व कमजोर वर्ग के लोग रहते हैं। इन लोगों को मूल निवासी, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, शपथ पत्र व अन्य छोटे-छोटे कार्यों के लिए कलेक्टोरेट जाना पड रहा है। वहीं गोरखी में काम कर रहे टाइपराइटर, फोटोकॉपी वाले स्टॉम्प वेंडर, दस्तावेज लेखक, सर्विस प्रोवाइडर के समक्ष भी रोजगार का संकट पैदा हो गया है।

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