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बुलेट खरीदने ग्राहक बनकर ठग ने दिखाई रूचि, एडवांस पैमेंट की लिंक भेज खाते से उड़ा दिए 30 हजार

बुलेट खरीदने ग्राहक बनकर ठग ने दिखाई रूचि, एडवांस पैमेंट की लिंक भेज खाते से उड़ा दिए 30 हजार

ग्वालियर । एक युवक को पुरानी बुलेट ONLINE एप के जरिए बेचना जरा महंगा पड़ गया। एक ठग ने खरीदार बनकर बुलेट खरीदने में रूचि दिखाई। बुलेट की कीमत 45 हजार रुपए तय की गई। खरीदार ने एडवांस भुगतान के लिए एक लिंक भेजी। लिंक ओपन करते ही युवक का मोबाइल अपने आप ऑपरेट होने लगा। इसके बाद युवक के खाते से 30 हजार रुपए ठग लिए गए। घटना कुछ दिन पहले शहर के दीनदयाल नगर की है। पर पीड़ित युवक बदनामी के डर से दो दिन पहले ही साइबर ऑफिस पहुंचा है। युवक ने शिकायत की है।

शहर के डीडी नगर में रहने वाले प्रकाश कुमार एक फाइनेंस कंपनी में कर्मचारी हैं। उनको एक नई गाड़ी खरीदना थी। पर उससे पहले उन्होंने अपनी पुरानी बुलेट को एक ONLINE APP पर बेचने का विचारा बनाया। उन्होंने गाड़ी की फोटो और डिटेल एप पर शेयर की। कुछ दिन पहले उनके पास एक युवक का फोन आया।

युवक ने अपना परिचय देवेश पंडित के रूप में दिया। साथ ही उसकी गाड़ी को खरीदने की इच्छा जताई। इस पर दोनों के बीच में 45 हजार रुपए में गाड़ी खरीदना तय हुआ। प्रकाश ने कहा कि वह उसके घर आकर भुगतान कर बाइक ले जाए। यहां ठग ने बताया कि वह सेना में है और अभी जयपुर में पदस्थ है।

वह भुगतान एडवांस में कर देता है और गाड़ी कभी भी आकर उठा लेगा। इस पर प्रकाश भी तैयार हो गए, क्योंकि उनको तो एडवांस में पैसा मिल रहा था। देवेश ने कहा कि वह 30 हजार रुपए अभी एडवांस पैमेंट कर रहा है। जब गाड़ी लेने आएगा तो 15 हजार रुपए और दे जाएगा।

खरीदार बनकर खाते से उड़ा दिए 30 हजार रुपए

इसके बाद देवेश पंडित ने प्रकाश को एडवांस में भुगतान करने के लिए एक लिंक भेजी। जब प्रकाश ने लिंक ओपन की तो एनीडेस्क एप डाउनलोड हो गया। जिसके बाद क्या हुआ पीड़ित को समझ ही नहीं आया। उसका मोबाइल अपने आप ऑपरेट होने लगा। कुछ देर बाद पर 10-10 हजार रुपए निकलने के 3 मैसेज आए।

जब उसने अकाउंट चेक किया तो खाते से 30 हजार रुपए निकल चुके थे। प्रकाश ने खरीदार से रुपए वापस मांगे तो उसने बोला गलती से हो गया है। वापस लिंक भेज रहा हूं उसे खोलो। पर प्रकाश को कुछ अजीब सा लगा और ठगी का अहसास हुआ। वह समझ गए वह साइबर ठगी के शिकार हुए हैं। इसके बाद वह बदनामी के डर के चलते शिकायत नहीं कर पाए। अभी किसी तरह हिम्मत कर दो दिन पहले वह साइबर के ऑफिस ग्वालियर पहुंचे और शिकायत की है।

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