Now Reading
श्रम कानून के खिलाफ भारत बंद जारी, बंगाल में ट्रेनें रोकीं

श्रम कानून के खिलाफ भारत बंद जारी, बंगाल में ट्रेनें रोकीं

श्रम कानूनों के खिलाफ विभिन्न कर्मचारी संगठनों का भारत बंद जारी है। बैंककर्मी भी इस हड़ताल में शामिल हैं। सबसे ज्यादा असर पश्चिम बंगाल, केरल और असम में देखने को मिल रहा है। यहां कर्मचारी रैलियां निकालकर विरोध जता रहे हैं। पश्चिम बंगाल में प्रदर्शनकारियों ने रेल रोकी है। भुवनेश्वर में ओडिशा निर्वाण श्रमिक महासंघ के सदस्य, ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स और ऑल उड़ीसा पेट्रोल और डीजल पंप वर्कर्स यूनियन यूनियन ने प्रदर्शन किया। केरल के कोच्चि में बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं। यहां भी ट्रेड यूनियनों ने केंद्र के नए श्रम और कृषि कानूनों के खिलाफ देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है।

बैंक भी शामिल

26 नवंबर, गुरुवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल में बैंक कर्मचारी भी शामिल हैं। यानी आज बैंक बंद रहेंगे। ऑल इंडिया बैंक एंप्लॉयी असोसिएशन (AIBEA) ने यह ऐलान किया है। बैंककर्मी हाल ही में लाए गए श्रम कानूनों का विरोध कर रहे हैं। इस तरह इस हफ्ते बैंक संबंधी काम निपटाना मुश्किल हो सकता है। क्योंकि गुरुवार को बंद रहने के बाद शुक्रवार को बैंक खुलेंगे और फिर शनिवार तथा रविवार को फिर बंद हो जाएंगे। महीने के चौथे शनिवार को भी बैंक बंद रहते हैं। हड़ताल में बैंकों के अलावा 10 सेंट्रल ट्रेड यूनियन शामिल हो रही हैं। ये सभी लेबर लॉ का विरोध कर रहे हैं। हालांकि भारतीय मजदूर संघ इस हड़ताल का हिस्सा नहीं है।

इन कर्मचारियों का कहना है कि लोकसभा ने हाल ही में 3 नए श्रम कानून पारित हुए हैं। नए कानून में कारोबार सुगमता के नाम पर 27 मौजूदा कानूनों को समाप्त कर दिया है। ये कानून शुद्ध रूप से कॉरपोरेट जगत के हित में हैं। वहीं कर्मचारियों को हितों के खिलाल हैं। नए कानूनों के तहत 75 प्रतिशत श्रमिकों को दायरे से बाहर कर दिया गया है। नए कानूनों में इन श्रमिकों को किसी तरह का संरक्षण नहीं मिलेगा। इसी बात का विरोध किया जा रहा है।

View Comments (0)

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Scroll To Top