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देव उठानी एकादशी:पांच महीने बाद जागेंगे देव,मंदिरों में तैयारियां पूरी

देव उठानी एकादशी:पांच महीने बाद जागेंगे देव,मंदिरों में तैयारियां पूरी

बुधवार को देवउठनी एकादशी है। इस साल अधिकमास के चलते 4 की जगह 5 महीने बाद देव नींद से जागेंगे। बुधवार को तुलसी-सालिगराम विवाह के साथ ही सहालग शुरू हो जाएगा। इस बार नवंबर दिसम्बर में 9 शुभ मुहूर्त शादियों के लिए है। लॉक डाउन के चलते रदद हुए विवाह समारोह भी इसी शुभ मुहूर्त में होने जा रहे हैं। देव उठनी एकादशी पर बुधवार को अबूझ मुहूर्त है। इस दिन जिसके लग्न का मुहूर्त नहीं निकल रहा हो उसका विवाह भी शुभ फलदायी माना जाता है।

शहर के मंदिरों में देव उठनी एकादशी के लिए मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। देव उठने के साथ ही शुभ कार्याें की शुरुआत हो जाएगी। अधिकमास और चातुर्मास के चलते पांच महीने मांगलिक कार्य पर लगी रोक हट जाएगी। देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना होगी।

पहला ही शुभ मुहूर्त भगवान गणेश के दिन

पहला ही सुबह मुहूर्त भगवान गणेश के दिन बुधवार से होगा और 11 दिसंबर को अंतिम शुभ मुहूर्त होने के बाद विवाह आदि मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी। 16 दिसंबर से मलवास (खरमास) प्रारंभ हो जाएगा। जबकि 12 से 15 दिसंबर के बीच मुहूर्त नहीं हैं। ऐसे में 25 नवंबर से 11 दिसंबर तक 16 दिन में 9 दिन ही विवाह के लिए शुभ मुहूर्त हैं। आने वाले 36 दिन में 9 शुभ मुहूर्त पड़ेंगे। जिसमे 3 नवंबर ओर 6 दिसम्बर में होंगे।

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