Friday, January 22, 2021
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ग्वालियर से जबलपुर व नरसिंहपुर के लिए भेजा गया 50 बोरी मिलावटी मावा आइएसबीटी में पकड़ा

ग्वालियर से जबलपुर व नरसिंहपुर के लिए भेजा गया मिलावटी मावा (खोवा) प्रशासन व खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने आइएसबीटी में जब्त कर लिया। 50 बोरियों में भरकर बस से लाए गए मिलावटी मावा को दीपावली पर्व पर खपाने की तैयारी थी। कार्रवाई के दौरान आइएसबीटी में हड़कंप की स्थिति बनी रही। मिलावटखोरी के इस कारोबार में संयुक्त टीम को पांच व्यापारियों के लिप्त होने का पता चला है जिनकी तलाश की जा रही है। जब्त मावा की तौल करवाकर उसके वजन का पता लगाया जा रहा है। ग्वालियर के किस व्यापारी ने जबलपुर व नरसिंहपुर के किन व्यापारियों के लिए मिलावटी मावा भेजा था संयुक्त टीम ने इसका पता लगा लिया है। कार्रवाई के दौरान एसडीएम आशीष पांडेय, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमरीश दुबे आदि उपस्थित रहे।

 

दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही जिले में मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं। हालांकि यह सक्रियता दशहरा पर्व के पहले से जारी है लेकिन मिलावटी मावा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई लंबे समय बाद हो पाई। दीपावली के मद्देनजर घर-घर मिठाइयां व गुझिया बनाने का दौर शुरू होता है। होटलों में भी उक्त सामग्रियों की बिक्री बढ़ जाती है। जिसके निर्माण में मावा की आवश्यकता पड़ती है। मिलावटखोर ऐसे समय का भरपूर फायदा उठाते हैं।

 

ऐसे बनाते हैं नकली मावा: अधिकारियों ने बताया कि एक किलोग्राम दूध से करीब 200 ग्राम मावा बनाया जा सकता है। सिंघाड़े का आटा, आलू, मैदा, शकरकंद समेत कुछ अन्य पदार्थ का इस्तेमाल कर मिलावटखोर मावा का निर्माण कर खुले बाजार में धड़ल्ले से बेच देते हैं। ग्राहक नकली व असली की पहचान न कर सकें इसके लिए मिलावटी मावा में एसेंट डाला जाता है। मिलावटी मावा का वजन बढ़ाने के लिए उसमें आटा डाला जाता है। वहीं मिल्क पाउडर व वनस्पति घी के उपयोग से भी मिलावटी मावा बनाया जाता है। चिकित्सकों का कहना है कि मिलावटी मावा सेहत के लिए हानिकारक होता है। इसके निर्माण में उपयोग किए जाने वाले रासायनिक पदार्थ लिवर व गुर्दे की बीमारी की वजह बनते हैं।

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