Thursday, January 21, 2021
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कांग्रेस प्रत्याशी के पिता और भाई की ड्यूटी भाजपा ने सैकड़ो मील दूर लगाई

 

कांग्रेस प्रत्याशी के पिता और भाई की भाजपा ने इतनी दूर ड्यूटी लगाई कि जब तक पहुंचेंगे तब तक थम जाएगा प्रचार 

ग्वालियर । ग्वालियर चम्बल अंचल में भाजपा भितरघात से बहुत परेशान है । एकसाथ बहुत सारे कांग्रेसियो की एंट्री से जहां उसका जमीनी कार्यकर्ता छिटका हुआ है वही अनेक जगह कांग्रेस ने उसके नेताओ की भूमिका संदिग्ध कर दी है । ऐसा ही एक मामला है ग्वालियर का । यहां की एक सीट पर कांग्रेस टिकिट पर चुनाव लड़ रहे एक उम्मीदवार के पिता वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व विधायक भाई को पार्टी ने मुरैना जिले से हटाकर दीगर क्षेत्रो में प्रचार का जिम्मा सौंपा है ।

दरअसल ग्वालियर पूर्व सीट से कांग्रेस ने डॉ सतीश सिंह सिकरवार को उम्मीदवार बनाया है । सिकरवार पिछला चुनाव इसी सीट से भाजपा से लड़े थे और कांग्रेस के मुन्ना लाल गोयल से हार गए थे । गोयल अब कमलनाथ सरकार गिराकर भाजपा में आ गए । उप चुनाव में वे अब भाजपा प्रत्याशी है । इससे क्षुब्ध सिकरवार ने कांग्रेस जॉइन कर ली और कांग्रेस प्रत्याशी बन गए ।

मामला यही नहो थमा । इसका असर देखने को मिल रहा है पड़ौसी जिला मुरैना में । इस जिले में  सिकरवार परिवार का बहुत रसूख है । सतीश के पिता गजराज सिंह जिले की सुमावली सीट से विधायक और भाजपा के जिला अध्यक्ष रह चुके है वही उनका छोटा बेटा सत्यपाल सिंह नीटू भी एमएलए रह चुका है । यहां सिकरवार और गुर्जरो के बीच जातीय अदावत है । अब तक गुर्जर नेता ऐंदल सिंह कंसाना कांग्रेस में थे तो सिकरवार भाजपा में । इस। बार के हालात एकदम बदले हुए है । कंसाना दल बदल कर भाजपा में चले गुए है । वे ही उम्मीदवार है जबकि कांग्रेस से अजब सिंह कुशवाह प्रत्याशी है । आशंका है कि यदि इस सीट पर सिकरवार,कुशवाह और जाटवों का गठबंधन हो गया तो कांग्रेस को खतरा हो सकता है ।

भाजपा के ग्वालियर पूर्व और सुमावली के प्रत्याशियों के समर्थकों को भय है कि इनकी मौजूदगी दोनो सीट पर भाजपा को नुकसान पहुंचाएगी । इसकी शिकायत भी की गई । आखिरकार पार्टी ने इन पर निर्णय लेते हुए गजराज सिंह को  अनूपपुर और पूर्व विधायक सत्यपाल सिंह नीटू को मांधाता जाकर काम करने को कहा है ।

इस मामले में जब गजराज सिंह से बात की तो उन्होंने कहाकि उन्हें ये जानकारी मीडिया से मिली है । बकौल सिकरवार – सुबह प्रदेश अध्यक्ष शर्मा जी का फोन आया था । उन्होंने जिले की विधानसभाओ में जाकर बैठके करने को कहा था ।

उन्होंने कहाकि मुझे कोई दिक्कत नही है पार्टी जहां भेजे वहां जाने में । हालांकि अभी पार्टी से मुझे कोई आदेश नही मिला है । मेरा कहना सिर्फ इतना है कि अब प्रचार बन्द होने में बमुश्किल तीन दिन बचे है और अनूपपुर पहुंचने में कम।से कम तीन दिन लगेंगे फिर बाहरी होने पर वहां से भगाये जाएंगे तो पूरा समय आने और जाने में निकल जायेगा । बाकी पार्टी जो कहेगी वह करूंगा ।

बेटे के लिए प्रचार करने की शिकायत पर उन्होंने कहाकि  सतीश स्वतन्त्र राजनीति कर रहे है । वह छात्रनेता रहा और कई बार से पति व पत्नी दोनों पार्षद है । पिछली बार भाजपा ने टिकिट दिया यह सब मेरे नही बल्कि उनके स्वयम के कारण हुआ है । में कहीं झंडा बैनर लेकर उनका प्रचार नही कर रहा । सभा या बैठके नही कर रहा । अब वह मेरा बेटा है इससे तो इनकार नही कर सकता ।

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