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भूपेश बघेल की आज ग्वालियर-चंबल में होने वाली तीन सभाएं निरस्त, चुनाव आयोग ने नहीं दी अनुमति

भूपेश बघेल की आज ग्वालियर-चंबल में होने वाली तीन सभाएं निरस्त, चुनाव आयोग ने नहीं दी अनुमति

ग्वालियर हाईकोर्ट का चुनावी सभाओं को लेकर जारी आदेश भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों को खल रहा है। शुक्रवार यानी आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तीन सभाएं होनी थीं, लेकिन चुनाव आयोग ने उनकी सभाओं के लिए अनुमति नहीं दी है। दतिया, मुरैना और ग्वालियर में सभाएं होनी थीं, लेकिन अब बघेल कार्यकर्ता सम्मेलन में भाग लेंगे और ग्वालियर में शाम को 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। हालांकि गुरुवार को अपनी तीन सभाएं निरस्त कर चुके मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शिवपुरी में पोहरी और करेरा में दो सभाएं करेंगे।

मुरैना दतिया ग्वालियर में होने वाली तीन सभाएं निरस्त हो गई हैं। चुनाव आयोग ने इन सभाओं के लिए भूपेश बघेल को अनुमति नहीं दी। इसके बाद ग्वालियर में भूपेश बघेल प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और दतिया मुरैना में कार्यकर्ता सम्मेलन में भाग लेंगे। मध्यप्रदेश उपचुनाव में मतदान के लिए अब केवल 10 दिन बचे हैं। ऐसे में कांग्रेस और भाजपा दोनों ने अपनी सारी ताकत झोंक दी है। कांग्रेस एक-एक करके अपने स्टार प्रचारकों को मध्यप्रदेश में बुला रही है इसी कड़ी में भूपेश बघेल की आज सभाएं होनी थीं।

सचिन पायलट और प्रियंका का रोड शो कराने की तैयारी
मध्य प्रदेश में उपचुनाव का घमासान जारी है। कांग्रेस इसमें प्रियंका गांधी और सचिन पायलट का रोड शो कराने की तैयारी में जुटी है। दोनों नेताओं को एक साथ लाने से कांग्रेस को फायदा होता दिख रहा है। मध्य प्रदेश में कांग्रेस के 30 स्टार प्रचारकों में शामिल प्रियंका गांधी और सचिन पायलट की तारीखों को एक साथ देखा जा रहा है। इनका रोड शो अगले हफ्ते में किसी दिन भी हो सकता है। स्टार प्रचारक राहुल गांधी कब आएंगे। इस पर भी असमंजस बना हुआ है।

सुप्रीम कोर्ट आज कर सकता है सुनवाई?
इधर, ग्वालियर चंबल में चुनावी सभाओं पर हाईकोर्ट की रोक के खिलाफ भाजपा के पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है। इस पर आज सुनवाई हो सकती है। सीएम शिवराज ने एक दिन पहले कहा था कि बिहार में सभाओं को अनुमति दी गई है, लेकिन मध्य प्रदेश में नहीं, ऐसा क्यों? उन्होंने ये भी कहा था कि मध्य प्रदेश के एक हिस्से में चुनावी सभा हो सकती है, दूसरे हिस्से में नहीं। एक तो एक देश में दो विधान जैसी स्थिति हो गई है।

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