Wednesday, January 20, 2021
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वन विभाग की लापरवाही की भेंट चढ़ा तेंदुआ* *जहर अथवा करंट से मरने की प्रबल आशंका*

*इंडिया शाम तक ने पहले ही अवगत कराया था*

मनोज जैन

भिण्ड, 14 अक्टूबर। सुप्रसिद्ध पांडरी बाबा मंदिर के पीछे राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य की उप्र सीमा में पछिया गांव में क्वारी नदी के बीहड़ में एक तेंदुए के मारे जाने का समाचार है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया के दोपहर 12:30 बजे के करीब जब ग्रामीण बाजरा काट रहे थे तभी पछिया के बीहड़ में से एक तेंदुआ पानी पीने के लिए क्वारी नदी की ओर गया। तेंदुए को देखकर जब कुत्ते भोंककर भागे तो ग्रामीणों का ध्यान तेंदुए की तरफ गया। पानी पीकर तेंदुआ थोड़ा ही चला होगा कि ग्रामीणों ने शोर कर तेंदुए को हकाला, तेंदुए ने भागने की कोशिश की पर भाग नहीं पाया और वहीं निढाल होकर गिर पड़ा। तब ग्रामीणों ने उसे मिट्टी के ढेले मारकर उठाने की कोशिश की फिर भी नही उठा तो काफी देर बाद पास आने पर देखा तो तेंदुआ मर चुका था। तब ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी।
वन विभाग उत्तर प्रदेश को सूचना दी क्योंकि मामला वाइल्डलाइफ और चंबल सेंचुरी का था अतः विवेकानंद दुबे ने तत्काल आर ओ चंबल हरि बल्लभ शुक्ल को सूचना दी। एक घंटे बाद मौके पर पुलिस और वन विभाग की टीम ने तेंदुए को अपने कब्जे में लेकर उसके पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार की व्यवस्था की।

*इंडिया शाम तक की आशंका सच साबित हुई*
17 अगस्त को राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के सांकरी गांव में दो तेंदुए के पेड़ पर चढ़ जाने की खबर प्रमुखता से छापी थी उसके बाद तेंदुआ द्वारा 17 अगस्त को ही दो बकरियां मार दिए जाने से गांव वालों में उत्पन्न असंतोष से वन विभाग भिण्ड के अधिकारियों को अवगत कराया था। जिस पर उन्होंने उचित मुआवजा दिए जाने की बअतः कही थी। पर वह प्रक्रिया नहीं होने से क्षेत्रीय ग्रामीणों द्वारा जहर देकर तेंदुए मार दिए जाने की आशंका बलवती हो रही थी।

*पहले भी इस इलाके में मारे गए हैं तेंदुए*
एक और वन और वन्य जीवों के संरक्षण के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं वही भिंड और इटावा जिलों में वन्यजीवों को लेकर विभागीय लापरवाही दिखाई देती है

*इसलिए आशंका है ज्यादा प्रबल* राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के क्षेत्र में पूर्व में भी तेंदुए की हत्या हुई है 3 साल पूर्व पिपरौली गढ़िया में एक तेंदुए को मार दिया गया था इसी वर्ष 25 जून को स्वदेशी गांव के बाथरूम में तेंदुआ मरा हुआ मिला फरवरी महीने में बारे में एक तेंदुआ रोड एक्सीडेंट में मरा हुआ मिला चंबल नदी के किनारे किनारे पट्टे की जमीनों में खेती हो रही है ऐसे में ग्रामीणों द्वारा करंट के तार बिछा दिए जाते हैं, और करंट लगने से भी जंगली जानवरों के मरने का खतरा बना रहता है गुजरात के गिर नेशनल पाक के विशेषज्ञ मनीष वैद्य ने बताया कि इस तेंदुए के मरने के करंट अथवा जहर दोनों ही कारण हो सकते हैं । हम वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट को वन विभाग की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर भरोसा करने के अलावा और कोई उपाय नही है। आजकल किसानों द्वारा केपीसीटर का करंट संचालित किया जाता है, जिससे झटका लगने से तेंदुए को आघात लगा होगा और वह पानी पीने आया और मर गया होगा।
*भिंड में पेचीदा है चंबल का मामला*
राष्ट्रीय चंबल अभ्यारणय का एक बहुत बड़ा हिस्सा भिंड जिले में है पर इसके प्रभारी डीएफओ मुरैना के डीएफओ होते हैं और भिंड के डीएफओ सामान्य बन मंडल के डीएफओ होते हैं। इस कारण एक दूसरे के कार्य में रुचि ना लेने के कारण राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में जिस प्रकार से गंभीरतापूर्वक वन्य जीव संरक्षण के कार्य किए जाने चाहिए वह नहीं होते हैं। इस संदर्भ में इंडिया शाम तक ने डीएफओ चंबल अमित बसंत निकम से बात करने का प्रयास किया पर फोन उठाने वाले व्यक्ति ने डीएफओ के दौरे पर होने के कारण बात कराने से मना कर दिया।

*इनका कहना है*
मेरे पास पुलिस के द्वारा सूचना आई थी चूंकि मामला चंबल सेंचुरी का था इसलिए मैंने आर ओ चंबल सेंचुरी को सूचना देकर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा दिया।
*विवेकानंद दुबे रेंजर एवं प्रभारी एस टी ए, जनपद इटावा*
कुंवारी नदी के पास पछिया के बीहड़ में तेंदुआ मृत मिला है जिसका पोस्टमार्टम किया गया है पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है कि तेंदुआ किस प्रकार मरा है।
*हरि बल्लभ शुक्ला, आर. ओ. राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण इटावा*
मुझे आपके द्वारा सूचना मिल रही है तथा घटना उत्तर प्रदेश की है फिर भी मैं प्रकरण को दिखाता हूं कि ऐसा क्यों हुआ *बी एस अन्नीगिरि, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, ग्वालियर*

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