Friday, January 22, 2021
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पत्नी के देहांत पर तेरहवीं की जगह दिव्यांग बच्चो के लिए दान कर दिया राशन का सामान

मृत्युभोज की कुरीति के खिलाफ बोला तो खूब जाता है लेकिन इसे रोकने की हिम्मत कम ही लोगों में होती है । ऐसी ही हिम्मत दिखाई ग्वालियर में रहने वाले एक व्यक्ति ने जिन्होंने अपनी पत्नी के निधन के बाद मृत्युभोज के स्थान पर दिव्यांग बच्चो के लिए भोजन सामग्री का दान कर नवाचार किया 
ग्वालियर । लुई ब्रेल छात्रावास तिकोनिया मुरार, में रहने वाले 15 दृष्टिबाधित बच्चों को ग्वालियर निवासी श्री राकेश कुमार पांडे ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती सुनीता पांडे के निधन के पश्चात, प्रचलित सामाजिक परंपराओं से परे नवीन प्रथा प्रारंभ कर ,एक नया संदेश समाज को दिया है। इसके अंतर्गत उन्होंने एक बच्चे को आटा दाल चावल शक्कर साबुन विभिन्न प्रकार के मसाले, इस प्रकार लगभग 15 सौ रुपए की  खाद्यान्न के तैयार की एवं एक बच्चे को त्रयोदशी के उपलक्ष में, मृत आत्मा की शांति हेतु, दिव्यांग बच्चों को प्रदान की।
यह सामाजिक परंपराओं के क्षेत्र में नवाचार है। दृष्टिबाधित एवं अन्य दिव्यांग बच्चे जो समाज पर आश्रित हैं। कोरोना अवधि में इन बच्चों का संगीत के माध्यम से धन उपार्जन भी बंद है। इस कारण ही बच्चे समाज के अवदान पर आश्रित हैं। श्री पांडे ने इस कार्य के द्वारा समाज में एक नवीन संदेश देने का प्रयास किया है।दृष्टिबाधित बच्चे मुकुंद यादव ने श्री पांडे का ह्रदय से आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सक्षम के सदस्य एवं पूर्व व्याख्याता डाइट ग्वालियर श्री ओ ,पी दीक्षित एवं सक्षम के अन्य सदस्य रिटायर्ड सूबेदार श्री मनोज पांडे जी उपस्थित थे।पंडित जी के अन्य परिजन उनके बेटे उनके साले साहब एबीएस अवसर पर बच्चों को संबोधित किया।
उल्लेखनीय है कि अब वक्त 3 माह पूर्व श्री पांडे जी की माता श्री का भी निधन हो गया था। उस समय भी उन्होंने मूक-बधिर बच्चों को इसी प्रकार की खाद्यान किट त्रयोदशी के स्थान पर वितरित की थी।

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