Thursday, January 21, 2021
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फिर पुराने रूप में नजर आने लगे कमलनाथ, ट्विटर पर प्रोफाइल पिक्चर बदली

प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने अपनी ट्विटर पर प्रोफाइल पिक्चर बदली है। 5 अगस्त को उन्होंने भगवा पहनकर एक धार्मिक स्थल की अपनी तस्वीर लगाई थी। 15 अगस्त को उन्होंने अपनी दूसरी तस्वीर ट्विटर पर प्रोफाइल लगाई है। तस्वीर बदले जाने के पीछे कई कयास लगाए जा रहे हैं। ये भी कहा जा रहा है कि कमलनाथ के अयोध्या के श्रीराम मंदिर भूमिपूजन का स्वागत करने पार्टी में ही विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर केरल के त्रिशूर लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेस सांसद टीएन प्रतापन ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को शिकायती पत्र लिखकर नाराजगी जताई थी।

अयोध्या में भूमिपूजन से पहले कमलनाथ ने अपने निवास पर हनुमान चालीसा का पाठ किया। पार्टी द्वारा प्रदेश भर में हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया। 5 अगस्त को भूमिपूजन के बाद शाम को उन्होंने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में उन्होंने राम दरबार सजवाया और वहां बैंडबाजों के साथ भगवान राम की आरती की थी। आरती के बाद कमलनाथ ने कहा था कि वे राजीव गांधी को प्रणाम करते हैं जिन्होंने ताले राम मंदिर के खोले थे। राम मंदिर की कहानी वहीं से शुरू होती है। हम मध्य प्रदेश की जनता की ओर से 11 चांदी की ईंट अयोध्या भेज रहे हैं। ये ईंटें कांग्रेस सदस्यों ने दान देकर खरीदी हैं।

केरल के त्रिशूर लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेस सांसद टीएन प्रतापन ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को शिकायती पत्र लिखकर नाराजगी जताई थी।
केरल के त्रिशूर लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेस सांसद टीएन प्रतापन ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को शिकायती पत्र लिखकर नाराजगी जताई थी।

टीएन प्रतापन ने सोनिया गांधी को शिकायती पत्र लिखा था

  • राम मंदिर निर्माण के भूमिपूजन का मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ और दिग्विजय सिंह द्वारा स्वागत करने पर केरल के कांग्रेस सांसद टीएन प्रतापन ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को शिकायती पत्र लिखा था।
  • उन्होंने दोनों नेताओं की प्रतिक्रियांओं को भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अति धार्मिक राष्ट्रवाद के पीछे भागना बताया था। सोनिया गांधी को लिखे पत्र में उन्होंने कहा था कि हमारा देश धर्मनिरपेक्ष और बहुल वादी है, लेकिन हमें उस हिंदुत्व को स्वीकार नहीं करना चाहिए जो भाजपा और आरएसएस का है।
  • प्रतापन ने सोनिया को लिखे पत्र के बारे में पूछे जाने पर कहा कि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की प्रतिक्रिया बहुत खराब थी। कांग्रेस का रुख भाजपा के हिंदुत्व के रुख का समर्थन करना नहीं है।
  • मेरा नाम प्रतापन है, मैं भी हिंदू हूं। मैं भगवान की अराधना करता हूं। मैं अक्सर भगवान श्रीकृष्ण के मंदिर जाता हूं और उनका आशीर्वाद लेता हूं। लेकिन हम उस हिंदुत्व का समर्थन नहीं कर सकते जो भाजपा और आरएसएस का है।
  • प्रतापन ने पत्र में कहा कि हम अति धार्मिक राष्ट्रवाद के पीछे इसके नरम स्वरूप के साथ भाग नहीं सकते। हमें इस हालात का अहसास करना चाहिए और तत्काल विकल्प को स्वीकार करना चाहिए। यह एकता, सौहार्द और सहिष्णुता की राजनीति की विरासत पर आधारित होना चाहिए।

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