Saturday, January 16, 2021
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गहलोत सरकार के खिलाफ भाजपा आज लाएगी अविश्वास प्रस्ताव, बसपा ने अपने विधायकों से कहा-कांग्रेस के खिलाफ करें वोट

अशोक गहलोत की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार ने सत्र के दौरान विश्वास प्रस्ताव लाने तो मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की घोषणा की है, जिससे विधानसभा का यह सत्र काफी हंगामेदार रहने की संभावना है।

कांग्रेस के बागी विधायकों की वापसी के बावजूद राजस्थान का सियासी संकट कम होता नहीं दिख रहा। शुक्रवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र एक दिन पहले हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला हुआ। दूसरी ओर, एक महीने की बगावत के बाद लौटे पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने बृहस्पतिवार शाम सीएम अशोक गहलोत से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की।

इससे पहले भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने कहा, प्रदेश में कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है। कानून-व्यवस्था फेल हो चुकी है। सरकार गिराने के आरोपों एसओजी ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया उन्हें भाजपा से जोड़ने की नाकाम कोशिश की गई। हम अविश्वास प्रस्ताव के मसौदे में यह सब बिंदु शामिल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, गहलोत सरकार जल्द गिरेगी। कांग्रेस घर में टांका लगाकर कपड़े जोड़ना चाह रही है, लेकिन कपड़ा फट चुका है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा, शुक्रवार को ही अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे। भाजपा और रालोपा के 75 विधायकों में से 74 बैठक में थे। बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व राजस्थान प्रभारी अविनाश राय खन्ना भी मौजूद थे।

बीएसपी ने छह विधायकों के लिए व्हिप जारी किया

राजस्थान में बहुजन समाज पार्टी बीएसपी ने अपने छह विधायकों के लिए व्हिप जारी किया है। इसमें उन्हें अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की स्थिति में कांग्रेस के खिलाफ वोट करने के लिए कहा गया है।

लगभग एक महीने की सियासी खींचतान के बाद पायलट-गहलोत की मुलाकात
कांग्रेस ने अपने दो विधायकों विश्वेंद्र सिंह और भंवरलाल शर्मा का निलंबन रद्द किया। लेकिन दिन की सबसे महत्वपूर्ण घटना पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात रही। लगभग एक महीने की सियासी खींचतान का एक तरह से पटाक्षेप करते हुए दोनों नेता मुख्यमंत्री निवास में मिले। इसके बाद कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें पायलट व 18 अन्य विधायक भी शामिल हुए। बैठक में मुख्यमंत्री गहलोत ने विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव लाने की घोषणा की।

कांग्रेस विश्वास प्रस्ताव लाएगी : प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे
बैठक में मौजूद रहे पार्टी के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा,’ कांग्रेस विश्वास प्रस्ताव लाएगी। हमने इसके लिए विधानसभा सचिवालय को अर्जी दी है। विधानसभा की कार्य संचालन समिति इस बारे में कोई फैसला लेगी।’ वहीं गहलोत ने विधायक दल की बैठक में विधायकों से पिछले महीने भर में हुई बातों को भूलकर आगे बढ़ने को कहा। इसके साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी विधायकों की शिकायतें दूर होंगी।

अब कांग्रेस पार्टी एकजुट है : के सी वेणुगोपाल
बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी एकजुट है और विधानसभा में एकजुटता से मुकाबला करेगी।उन्होंने, ‘सबकुछ ठीक रहा। अब कांग्रेस पार्टी एकजुट है। हम भाजपा की तुच्छ राजनीतिक का एकजुटता से मुकाबला करेंगे’ कांग्रेस खेमे के विधायक अभी होटल में ही रुकेंगे और वहीं से विधानसभा पहुंचेंगे।’ इससे पहले भाजपा की विधायक दल में पार्टी ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया।

आपस में भूलो और माफ करो और आगे बढ़ो… : मुख्यमंत्री गहलोत
इससे पहले गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री गहलोत ने ट्वीट किया कि ‘हमें फॉरगेट एंड फॉरगिव, आपस में भूलो और माफ करो और आगे बढ़ो की भावना के साथ लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई में लगना है।’ इसके बाद कांग्रेस के कांग्रेस ने गहलोत सरकार के खिलाफ बगावत करने वाले विधायक विश्वेंद्र सिंह तथा भंवर लाल शर्मा का निलंबन गुरुवार को रद्द कर दिया। संगठन महासचिव और राजस्थान प्रभारी अविनाश पांडे ने ट्वीट कर कहा कि व्यापक विचार विमर्श के बाद इन दोनों विधायकों का निलंबन रद्द किया गया है। शाम में पायलट मुख्यमंत्री निवास पहुंचे और मुख्यमंत्री गहलोत से मिले।

बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में गहलोत व पायलट के साथ कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, पार्टी के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे व पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी मौजूद थे। इसके बाद कांग्रेस विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री निवास में हुई जिसमें गहलोत, पायलट के साथ साथ कांग्रेस व उसके समर्थक विधायक भी शामिल हुए। इस बीच अधिकारियों ने बताया कि विधानसभा सत्र को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

15वीं राजस्थान विधानसभा का पांचवां सत्र सुबह 11 बजे से होगा
विधानसभा सूत्रों ने बताया 15वीं राजस्थान विधानसभा का पांचवां सत्र शुक्रवार 14 अगस्त को सुबह 11 बजे से होगा। इसमें कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए बरती जाने वाली सावधानियों को ध्यान में रखते हुए विधान सभा में पुख्ता व्यवस्थाएं की गई हैं। इस बार विधान सभा सत्र के दौरान दर्शक, विशिष्ट और अध्यक्ष दीर्घा के लिए प्रवेश पत्र नहीं बनाए जाएंगे।

प्रवेश द्वारों पर हाथ धोने और सैनिटाइज की व्यवस्था
राजस्थान विधान सभा के सचिव प्रमिल कुमार माथुर ने बताया कि प्रवेश द्वारों पर हाथ धोने और सैनिटाइज किए जाने वाली मशीनें पर्याप्त संख्या में लगाई गई है। चार पहिया वाहन को भी विधानसभा परिसर में प्रवेश करते ही सेनेटाइज मशीन से निकालना होगा। उन्होनें बताया कि कोरोना से बचाव के लिए अपनाई जाने वाली सभी सावधानियों को दृष्टिगत रखते हुए विधानसभा सत्र के लिये आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।

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