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अवैध कारोबार कर करोड़ों रुपए की कर चोरी करने वाले वाधवानी ने डीजीजीआई की कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

अवैध कारोबार कर करोड़ों रुपए की कर चोरी करने वाले वाधवानी ने डीजीजीआई की कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

इंदौर. गुटखा और सिगरेट का अवैध कारोबार कर करोड़ों रुपए की टैक्स चोरी करने वाले आरोपी किशोर वाधवानी द्वारा डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस (डीजीजीआई) की कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। सोमवार को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबड़े की अध्यक्षता वाली तीन जजेस की खंडपीठ के समक्ष यह मामला सुनवाई के लिए लगा था, लेकिन नंबर नहीं आ सका। इस वजह से इसे 13 जुलाई तक इसे आगे बढ़ा दिया गया। वाधवानी ने शीर्ष अदालत में रिट पिटिशन (क्रिमिनल) दायर कर पूरी कार्रवाई पर रोक लगाए जाने की मांग की है।

टैक्स चोरी की राशि रियल एस्टेट में लगाने की आशंका
पान मसाला और सिगरेट की टैक्स चोरी के बड़े घोटाले में सबूत जुटाने के लिए अब सभी संदिग्धों की तलाशी का अभियान शुरू हो गया है। अलग-अलग टीमें बनाकर एलोरा टोबेको कंपनी के डायरेक्टर श्याम खेमानी के साथ घोटाले के मास्टरमाइंड उद्योगपति किशोर वाधवानी के भतीजे नीतेश वाधवानी की तलाश की जा रही है। नीतेश की एलोरा टोबेको के साथ एमएसएस फूड्स भी में भूमिका मानी जा रही है और इसी कंपनी की एएए इंटरप्राइजेज से लिंक थी, जिसमें संचालक विजय नायर है। नायर को डीजीजीआई पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। माना जा रहा है कि टैक्स चोरी की राशि को होटल, रियल एस्टेट में लगाने में नीतेश की अहम भूमिका थी। इसके साथ ही अफसर विनय भाटी व रीना भाटी को भी ढूंढ रहे हैं।

गाड़ी अड्‌डा में एक और फर्जी कंपनी भाटी के नाम पर
विभाग को गाड़ी अड्डा के पते पर मुरली ट्रेडर्स नाम की फर्जी कंपनी मिली है। यह भी किसी भाटी के नाम पर होने की बात कही जा रही है। उधर विभाग ने ट्रांसपोर्टर से पूछताछ तेज कर दी है। उनसे हर माह होने वाले माल परिवहन की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि टैक्स चोरी का अंदाजा लगाया जा सके।

1500 करोड़ रुपए से ज्यादा की टैक्स चोरी का अनुमान
किशोर वाधवानी और उसकी गैंग द्वारा मात्र एक साल में ही 512 करोड़ रुपए की कर चोरी को अंजाम दिया गया है। डीजीजीआई की टीम द्वारा पान मसाले में 242 करोड़ और सिगरेट में 270 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा किया जा चुका है। यह कर चोरी अप्रैल 2019 से मई 2020 तक की है। अब वाधवानी गैंग के सभी आरोपियों के पांच सालों के रिटर्न खंगाले जा रहे हैं। साथ ही पैकिंग मटेरियल सप्लायर और ट्रांसपोर्टर से पूछताछ कर पांच साल के परिवहन व माल सप्लाय की जानकारी जुटाई जा रही है। बड़ी टैक्स डिमांड को देखते हुए विभाग ने संपत्तियों को अटैच करना शुरू कर दिया है। विभागीय अफसरों को आशंका है कि पांच साल का आंकड़ा जोड़ने पर टैक्स चोरी 1500 करोड़ से ऊपर पहुंचेगी।

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