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मध्य प्रदेश में सूर्य बना चंद्रमा’, अद्भुत था नजारा

मध्य प्रदेश में सूर्य बना चंद्रमा’, अद्भुत था नजारा

मध्य प्रदेश करीब 10.14 बजे शुरू हुआ सूर्य ग्रहण करीब 11.57 इसका मध्य काल में पहुंच गया है, इस दौरान सूर्य बिल्कुल चंद्रमा की तरह नजर आ रहा था। करीब 1.47 बजे पर ग्रहण का समापन हुआ, यह करीब 3 घंटे 30 मिनट तक रहा। मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर खगोलशास्त्रियों ने इसे देख रहे थे। मध्य प्रदेश में सूर्य ग्रहण से करीब 12 घंटे पहले ही सूतक लगने से पहले सभी मंदिरों के पट बंद कर दिए गए थे । उधर ग्रहण लगने से 10 मिनट पहले ओंकारेश्वर ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के पट बंद कर दिए गएथे।  मंदिर परिसर में पंडित पुजारी ग्रहण काल में जाप किया। कोरोना के कारण नर्मदा स्नान पर प्रशासन ने प्रतिबंध कर रखा। । दोपहर मध्य काल हो के बाद 2 बजे मंदिर के पट खोले गए।

जबलपुर में 10.21 पर ग्रहण शुरू, 12.06 मध्य काल और 1.54 पर ग्रहण समाप्त  हुआ।

– ग्वालियर में 10.19 पर ग्रहण शुरू, 12.02 पर मध्य काल और 1.50 पर ग्रहण समाप्त हुआ।

– इंदौर और उज्जैन में 10.10 से ग्रहण शुरू, 11.51 मध्य काल और 1.42 पर ग्रहण समाप्त हुआ।

ज्योतिषी विनोद रावत के अनुसार जिन राशियों पर ग्रहण अशुभ है उन राशि वालों को ग्रहण नहीं देखना चाहिए। ग्रहण के समय भगवत भजन, गुरु मंत्र आदित्य हृदय स्त्रोत, सूर्य मंत्र का जाप हवन करना लाभदायक रहता है। ग्रहण के सूतक पूर्व खाद्य पदार्थों में तुलसी दल कुशा रखने का विधान है। ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी रखना चाहिए। लोगों ने यह किया भी।

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