विपक्ष कटौती प्रस्ताव रखेगा तो भी इस पर चर्चा होने की संभावना नहीं है। दरअसल, सत्र में बजट के अलावा आधा दर्जन से ज्यादा अन्य संशोधन विधेयक भी प्रस्तुत किए जाएंगे, जिनका पारित होना जरूरी है। मानसून सत्र के दौरान सरकार का सबसे महत्वपूर्ण काम वर्ष 2020-21 के लिए बजट पारित कराना होगा।

कोरोना की वजह से बजट सत्र पूरा नहीं हो पाया था, इसलिए सरकार को एक लाख 66 करोड़ रुपये से ज्यादा का लेखानुदान अध्यादेश लाना पड़ा था। इसकी अवधि 31 जुलाई तक है। इसके पहले विनियोग और वित्त विधेयक सदन से पारित करवाकर राज्यपाल की अनुमति लेकर अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित करनी होगी।