कमल नाथ सरकार ने राजस्व आय बढ़ाने के लिए वर्ष 2020-21 में 25 फीसद वार्षिक शुल्क बढ़ाकर ठेके दिए थे। लॉकडाउन के कारण शराब दुकानें बंद हो गईं तो ठेकेदार और सरकार को राजस्व का बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। सरकार ने कंटेनमेंट जोन के बाहर दुकानें खोलने की अनुमति दी पर दुकान संचालक तैयार नहीं हुए। दरअसल, ठेकेदारों का कहना था कि जिन दो माह में शराब दुकानें बंद रहीं, उसमें ठेके की आधी कीमत निकल आती है।