Friday, October 23, 2020
ताज़ातरीनराज्य

दिग्विजय ने की भाजपा नेता दीपक जोशी की तारीफ, छिड़ी बहस

भोपाल. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री दीपक जोशी की तारीफ किए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है। भले ही भाजपा नेता यह दावा कर रहे हों कि दीपक पार्टी के साथ हैं। लेकिन, दीपक ने जिस तरह के तेवर अख्तियार कर रखे हैं उससे लगता है कि आगामी उपचुनाव में वे हाटपिपल्या विधानसभा क्षेत्र से सिंधिया समर्थक मनोज चौधरी का खेल बिगाड़ सकते हैं। दिग्विजय के तारीफ करने पर दीपक जोशी का कहना है कि उनका मेरी तारीफ करना मेरे लिए गोल्ड मैडल मिलने जैसा है।

कोरोना संक्रमणकाल में प्रदेश में राजनीति का पारा चढ़ता जा रहा है। भाजपा के संस्थापक सदस्य और पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के बेटे दीपक जोशी ने भी अपने तेवर सख्त कर लिए हैं। दीपक देवास जिले की हाटपिपल्या सीट से दो बार विधायक रहे चुके हैं। शिवराज के तीसरे कार्यकाल के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री रह चुके हैं। लेकिन, 2018 में वे कांग्रेस प्रत्याशी मनोज चौधरी से चुनाव हार गए थे।

क्या कहा था दिग्विजय सिंह ने

हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने देवास जिले का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि दीपक जोशी ईमानदार पिता के ईमानदार पुत्र हैं। जिस व्यक्ति ने 25-30 करोड़ रुपए लिए हों उसे भाजपा अगर उम्मीदवार बनाएगी तो दिल तो दुखेगा। दिग्विजय ने कहा- दीपक जोशी उस महान व्यक्ति के पुत्र हैं, जो जनसंघ से लेकर भाजपा तक में ईमानदारी की पहचान हैं। दिग्विजय का बयान चर्चा में आने के बाद दीपक ने कहा है कि मैं उन्हें विपक्षी नहीं कहूंगा, वह मेरे परिवार के सदस्य हैं। उन्होंने मुझे मेरे पिता के साथ जोड़ा, यह मेरे लिए सम्मान की बात है। दीपक ने कहा कि राजनीति में मूल्यों की गिरावट हो रही है। दिग्विजय के आशीर्वाद को मैं किसी भी तरह से पूरा नहीं कर सकता। दिग्विजय ने मेरे लिए जो बात कही है, उसका मैं सदा आभारी रहूंगा। ये मेरे लिए गोल्ड मैडल जैसा है।

दीपक ने कहा- संभावनाएं और विकल्प हमेशा खुले रहते हैं
पूर्व मंत्री दीपक का कहना है कि बीते एक साल से मुझे पार्टी के कार्यक्रमों से काटने की कोशिश की गई है, इसमें पार्टी के कुछ लोगों ने सहमति दी है। उन्होंने कहा कि राजनीति में संभावनाएं और विकल्प हमेशा खुले रहते हैं। मेरे और पार्टी के खिलाफ षड्यंत्र रचने वालों के खिलाफ एक कार्यकर्ता की तरह लड़ाई लड़ रहा हूं। चुनाव में हार-जीत तो चलते रहती है लेकिन जो लोग मुझे दौड़ में नहीं हरा पाए, उन्होंने मुझे तोड़कर हराने की कोशिश की। लोकसभा चुनाव के समय भी मेरा अपमान किया गया। इसे लेकर मैंने वरिष्ठजन शिवराजसिंह चौहान, सुहास भगत को भी अवगत करा दिया। कैलाश विजयवर्गीय स्वयं आए थे, उन्हें भी बता दिया।

Leave a Reply