Tuesday, October 27, 2020
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एमपी में कोरोना वायरस की एंट्री के 100 दिन पूरे,  बिगड़ सकते हैं हालात

भोपाल. आने वाले दो महीने राजधानी  सहितपूरे मध्य प्रदेश के लिए काफी चुनौतीपूर्ण होंगे. कोरोना का संक्रमण (corona infection) जिस तेज़ी से फैल रहा है, उसने शासन-प्रशासन सबको सतर्क कर दिया है. वायरस की एमपी और भोपाल में एंट्री के 100 दिन पूरे हो चुके हैं. कोई भी वायरस 100 दिन बाद पूरी तरह से फैलने में सक्षम हो जाता है. इसलिए स्वास्थ्य विभाग के बाद अब भोपाल स्थित एम्स (AIIMS) भी चेता रहा है कि कोरोना संक्रमण तेज़ी से फैलेगा. ऐसे में बेहद सतर्क रहने और पूरे एतहियात की ज़रूरत है.

मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण तेज़ी से फैल रहा है. मरीज़ों का आंकड़ा दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है. आने वाले 2 महीने में कोरोना संक्रमण का ग्राफ और बढ़ेगा. स्वास्थ्य विभाग ने इस बात की आशंका पहले ही जता दी थी. विभाग की इस चेतावनी पर ध्यान देते हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान पहले ही निर्देश दे चुके हैं कि कोरोना मरीज़ों के लिए अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाई जाए. अब स्थिति यह है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण का आंकड़ा 9971 पार कर चुका है. राजधानी भोपाल भी ज़बरदस्त तरीके से संक्रमण की चपेट में है. पुराने भोपाल के बाद अब कोरोना संक्रमण नये भोपाल में फैल रहा है. जहांगीराबाद, जाटखेड़ी और मंगलवारा के बाद अब टीटी नगर, कमला नगर और बाणगंगा जैसे नये इलाके हॉट स्पॉट हो गए हैं.

आने वाले समय में कोरोना वायरस का संक्रमण और तेज़ होने वाला है. किसी भी वायरस को पनपने के लिए 100 दिन का समय लगता है और कोरोना की इंट्री को प्रदेश में 100 दिन पूरे हो चुके हैं. इसलिए इसका वायरस अब भयानक रूप लेता हुआ दिखाई देगा. बारिश और उमस के साथ अनलॉक होने के कारण लोगों की आवाजाही सार्वजिनक स्थानों पर जिस तरह से बढ़ी है उसके कारण संक्रमण तेज़ी से फैलने के आसार हैं. एम्स ने भोपाल प्रशासन को भी इसके लिए अलर्ट कर दिया है. उसने कलेक्टर तरुण पिथौड़े को सलाह दी है कि राजधानी में संक्रमण का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है. प्रशासन को अस्पतालों में पहले से ही इंतजाम कर लेना चाहिए. एम्स की सलाह के बाद प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ चुका है.

लोग नहीं कर रहे सहयोग
भोपाल के नए हॉटस्पॉट जोन बाणगंगा में लोग लगातार लापरवाही बरत रहे हैं. बेपरवाह लोग  स्वास्थ विभाग की टीम के साथ कॉओपरेट नहीं कर रहे हैं. इसका खामियाजा पूरे शहर को भुगतना पड़ सकता है. इस इलाके के लोगों ने घर के बाहर ताला डालकर खुद को अंदर कैद कर लिया है. प्रशासन की टीम जब यहां सैंपल लेने आती है तो लोग बाहर नहीं निकलते. समझाइश के बाद भी सैंपल देने में आनाकानी कर रहे हैं.

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