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सिंधिया भाजपा में गए तो कांग्रेस में लौट आये उनके पिता के बाल सखा बालेंदु शुक्ला

सिंधिया भाजपा में गए तो कांग्रेस में लौट आये उनके पिता के बाल सखा बालेंदु शुक्ला

सिंधिया भाजपा में पहुंचे तो उनके बाल सखा बालेंदु शुक्ला ने की कांग्रेस में वापिसी

भोपाल में कमलनाथ के घर ग्रहण की कांग्रेस की सदस्यता , सिंधिया समर्थकों को मिलेगा कांग्रेस में नया क्षत्रप
 पूर्व केंद्रीय मन्त्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में शामिल हो गये तो आज कांग्रेस ने उनके पिता स्व माधव राव सिंधिया के बाल सखा रहे और एक जमाने मे कांग्रेस के बड़े नेता और एक दशक से भाजपा में काम कर रहे बालेंदु शुक्ला की फिर कांग्रेस में  वापिसी कर ली । हालांकि उनकर जाने से भाजपा को भले ही कोई नुकसान न हो लेकिन कांग्रेस को खासा फायदा होने की उम्मीद है।
बीते  दशक से भाजपा में काम कर रहे पूर्व मन्त्री बालेंदु शुक्ला ने आज फिर अपने पुराने दल कांग्रेस में वापिसी कर ली । उंन्होने पूर्व मुख्यमंत्री और पीसीसी के अध्यक्ष कमलनाथ के घर पर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली ।
माधव राव के बाल सखा है बालेंदु
बालेंदु शुक्ला दिवंगत माधव राव सिंधिया के अत्यंत खास लोगो मे माने जाते थे इसकी वजह भी साफ थी क्योंकि वे सिंधिया के समर्थक ही नही उनके बाल सखा भी थे । इन दोनों की मित्रता तब हुई थी जब ये दोनों सिंधिया स्कूल में साथ – साथ पढ़ते थे । बाद में श्री शुक्ला भारतीय स्टेट बैंक दतिया में प्रोवेशनरी ऑफिसर बन गए और सिंधिया गुना से सांसद । जब स्व  सिंधिया ने 1979 में कांग्रेस जॉइन की तो उन्होंने आपने मित्र बालेंदु को नौकरी छुड़वाकर सियासत में ले आये । इसके बाद वे उनके सियासी सलाहकार बनकर रहे । कहा जाता है कि जयविलास में बालेंदु की एंट्री हर जगह थी । वे अनेक बार मन्त्री रहे और सिंधिया खेमे के सबसे ताकतवर नेता ।
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     लेकिन 2001 में माधवराव सिंधिया के असामयिक निधन के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया जब मुखिया बने तो उनकी उपेक्षा शुरू हो गई । उनका रसूख घटा तो उन्होंने महल से दूरियां बढ़ा ली । शनै: शनै:दोनों परिवारों में संपर्क समाप्त हो गए । बाद में बालेंदु शुक्ला ने बहुजन समाज पार्टी जॉइन की और ग्वालियर दक्षिण से चुनाव भी लड़ा लेकिन हर गए और फिर शिवराज सिंह के कहने पर वे भाजपा में शामिल हो गए । उंन्होने उन्हें निर्धन कल्याण आयोग का बनाया और केबिनेट मंत्री का दर्जा भी दिया ।
सिंधिया भाजपा में तो बालेंदु कांग्रेस में 
माना जा रहा है कि बालेंदु शुक्ल ने भाजपा ज्योतिरादित्य सिंधिया की बजह से ही छोड़ी । सिंधिया भाजपा में शामिल हो गए तो उन्हें लगा कि अब परिस्थितियां उनके अनुकूल नही रहेंगी लिहाजा उंन्होने घर वापिसी की राह आसान की और अंततः आज फिर कांग्रेस में वापिसी कर ली ।
कांग्रेस को होगा फायदा
हालांकि श्री शुक्ला के पार्टी छोड़ने से भाजपा को कोई बड़ा नुकसान होगा इसकी कोई संभावना नही है लेकिन कांग्रेस को फायदा होने की उम्मीद है । दरअसल सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद उनके बड़ी संख्या में समर्थक कार्यकर्ता और नेता भाजपा में नही जाना चाहते क्योंकि वहां उन्हें अपना कोई भविष्य नज़र नही आ रहा लेकिन  अंचल में अभी उनकी पूछ परख करने वाला कोई नही है सो वे असमंजस में थे अब संभाग भर में ऐसे कार्यकर्ता उनके जरिये कांग्रेस में काम कर सकेंगे । दूसरे कांग्रेस
शुक्ल के जरिये ब्राह्मणों में पैठ बना सकेगी जो फिलहाल भाजपा से नाराज है ।
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