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चम्बल तक पहुंचे 35 हजार श्रमिको को  भोजन कराके भेजा गया घर 

चम्बल तक पहुंचे 35 हजार श्रमिको को  भोजन कराके भेजा गया घर 

अन्य प्रदेशों से अभी तक 35781 मजदूरों को मध्यप्रदेश के अन्य जिलों में बसों से भेजा  ।
मुरैना जिले में अभी तक 12421 प्रवासी मजदूरों आये ।6243 मजदूरों को किये ई-पास जारी   
शनिवार को 2478 मजदूर मुरैना आये    
मुरैना / प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान ने प्रवासी मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाने के लिये बेहतर व्यवस्थायें करने के निर्देश जिला कलेक्टरों को दिये है। जिसमें मुरैना जिले की सीमा पर अन्य प्रांत जैसे राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, उत्तरप्रदेश से प्रवासी मजदूर जिले के बाॅर्डर पर पहुंच रहे है। प्रवासी मजदूरों को उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाने के लिये कलेक्टर श्रीमती प्रियंका दास ने मजदूरों को भोजन, पानी एवं ठण्डी हवा के पंखों का प्रबंध किया है। जिले के विभिन्न चैक पोस्टों से अभी तक 35 हजार 781 मजदूरों को प्रदेश के अन्य जिलों में भेजा गया है। अभी तक 12 हजार 421 प्रवासी मजदूर मुरैना जिले में विभिन्न प्रांतों से आये है। 16 मई शनिवार को मुरैना जिले की अल्लावेली और अटारघाट चेक पोस्टों पर 2 हजार 478 और मजदूर आये है। जिनमें से 478 मजदूर मुरैना जिले के है। जिन्हंें बसों में बिठाकर उन्हें उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाया गया है। 2 हजार मजदूर अन्य प्रांतों के थे, जिन्हें 32 बसों में बिठाकर उनके प्रांतो के बाॅर्डरों तक भेजा गया।
डिप्टी कलेक्टर श्री एलके पाण्डे ने बताया कि अभी तक अन्य प्रांतों से आने वाले 35 हजार 781 मजदूरों को 715 बसों से उनके राज्यों की सीमा तथा मध्यप्रदेश के अन्य जिलों के मजदूरों को उनके गृह जिलों तक पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि 6 हजार 243 मुरैना जिले के लोंगो ने ई-पास की मांग इसीलिये की थी, कि उनके परिवार के लोग अन्य जिलों में फंसे हुये थे। इन सभी लोंगो को जिला प्रशासन द्वारा ई-पास जारी कर दिये गये है।
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श्री पाण्डे ने बताया कि मुरैना जिले में 16 मई शनिवार को अल्लावेली और अटारघाट चेक पोस्टों पर 2 हजार 478 मजदूर आये, इनमें से 478 मजदूर मुरैना जिले के ही थे। इनको बसों के माध्यम से इनके घरों तक पहुंचाया गया। शेष 2 हजार लोंगो मध्यप्रदेश के ग्वालियर, अशोकनगर, गुना, टीकमगढ़ छतरपुर, पन्ना, जबलपुर, सतना, रीवा के अलावा उत्तरप्रदेश के झांसी, ललितपुर की सीमा तक मजदूरों को रवाना किया जा चुका है।
जिले में सबसे महत्वपूर्ण बाॅर्डर अल्लावेली की कमान तहसीलदार श्री भरत कुमार एवं बानमौर बाॅर्डर की कमान नायब तहसीलदार श्री रत्नेश शर्मा, अटारघाट बोर्डर पर तहसीलदार श्री अजय शर्मा पूर्ण जिम्मेदारी के साथ रात दिन एक कर कार्य कर रहे है।
चम्बल संभाग के भिण्डे जिले के 2346 प्रवासी श्रमिकों को बसों के माध्यम से पहुँचाया गया उनके गंतव्य स्थान तक  
नोबल कोरोना वायरस कोविड-19 संक्रमण के दौरान जिले के प्रवासी मजदूरों को प्रदेश के विभिन्न जिलों से एवं देश के अन्य राज्यों से वापस लाया जा रहा जिसके अंतर्गत 16 मई 2020 को 2346 श्रमिक देश के अन्य राज्यों तथा प्रदेश के अन्य जिलों से भिण्ड जिले में मालनपुर बॉर्डर एवं बरई बॉर्डर पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं स्क्रीनिग की सुविधा के अलावा सभी मजदूरों को शौचालय, ठहरने, पीने का पानी और भोजन की व्यवस्था के बाद उनके घर वापसी कराई गई।
कलेक्टर श्री छोटे सिंह ने बताया कि देश के अन्य राज्यों से एवं प्रदेश के अन्य जिलों से आए प्रदेश के प्रवासी मजदूरों को बस के माध्यम से उनके घर भेजने की व्यवस्था की गई है।आज प्रदेश के अन्य जिलों से  जिले के 1465 प्रवासी श्रमिक एवं देश के अन्य राज्यों से जिले के 881 प्रवासी श्रमिक भिण्ड पहुँचे यहाँ बॉर्डर पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं स्क्रीनिग की सुविधा के अलावा सभी मजदूरों को शौचालय, ठहरने, पीने का पानी और भोजन की व्यवस्था के बाद उनके घर वापसी कराई गई।
कच्छ क्षेत्र में फसें चम्बल संभाग के श्योपुर जिले के मजदूरों को मिली घर वापसी की सुविधा
बस के माध्यम से 140 मजदूर कराहल, ढोढर, बरगवा पहुंचे
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिहं चैहान द्वारा मप्र के श्योपुर जिले के निवासी 140 मजदूर गुजरात के कच्छ क्षेत्र में लाॅकडाउन में फस गये थे। इन मजदूरों को उनकी घर वापसी के संबंध में गुजरात एवं राजस्थान सरकार से चर्चा कर, बस के माध्यम से श्योपुर जिले के बाॅर्डर सामरसा पर घर वापसी की सुविधा प्रदान की है। जिसके अतंर्गत श्योपुर चंबल नदी के बाॅर्डर क्षेत्र सामरसा चैकी पर बसों से कराहल, ढोढर, बरगवा के मजदूरों को सभी प्रकार की सुविधाएं प्रदान की गई। साथ ही उनको सामरसा बाॅर्डर से उनके गावं तक श्योपुर जिला प्रशासन द्वारा बस के माध्यम से उनकी घर वापसी सुनिश्चित की।
कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नोबल कोरोना वायरस कोविड-19 संक्रमण के दौरान श्योपुर जिले के कराहल, ढोढर एवं बरगवा के 140 मजदूर चैत काटने के लिए राजस्थान होते हुए गुजरात के कच्छ क्षेत्र में मजदूरी को पहुंचे थे। इसी बीच कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए लाॅकडाउन लग गया था। इन मजदूरों के परिजनो ने मुख्यमंत्री जी को घर वापसी का आग्रह किया था। मुख्यमंत्री जी ने गुजरात सरकार एवं राजस्थान सरकार से चर्चा कर अपने-अपने क्षेत्रो में मजदूरो को बस से भेजने की व्यवस्था कराई।
इसी प्रकार राजस्थान होते हुए यह मजदूर सामरसा बाॅर्डर श्योपुर पर पहुंचे। जहां पर जिला प्रशासन द्वारा शा.मा.वि. सामरसा में ठहरने, शौचालय, पेयजल और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई। इन सभी मजदूरों की मेडीकल टीम द्वारा स्क्रीनिंग की गई। साथ ही सभी मजदूरो को बस के माध्यम से उनके घर कराहल, ढोढर एवं बरगवा पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
गुजरात के कच्छ क्षेत्र से वापस होकर राजस्थान के नाचना में फसें श्योपुर जिले के मयापुर निवासी मजदूर श्री अजीत आदिवासी ने बताया कि चैत काटने के लिए हम कच्छ क्षेत्र गुजरात और राजस्थान के नाचना में गये हुए थे। नोबल कोरोना वायरस का लाॅकडाउन लगने के कारण कच्छ क्षेत्र से राजस्थान के नाचना पहुच गये थे। जहां पर टोटल लाॅकडाउन होने से घर वापसी नही हो रही थी।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिहं चैहान मामा को हमने और हमारे परिवार वालो ने घर वापिस करने के लिए गुहार लगाई। जिस पर तत्काल अमल किया जाकर मुख्यमंत्री जी ने गुजरात, राजस्थान सरकार से चर्चा कर, बसो के माध्यम से श्योपुर जिले के  बाॅर्डर सामरसा पहुचाया गया। जहां पर जिला प्रशासन के माध्यम से सभी प्रकार की सुविधाए दी जाकर श्योपुर के बाॅर्डर से सकुशल मयापुर छुडवाया गया। जिसके लिए मामा मुख्यमंत्री श्री चैहान को घर वापसी की बधाई देता हूॅ।
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