Now Reading
राज्यपाल की स्पीकर को चिट्ठी- कथित लापता विधायकों की चिंता प्रशंसनीय, सुरक्षा का दायित्व कार्यपालिका पर

राज्यपाल की स्पीकर को चिट्ठी- कथित लापता विधायकों की चिंता प्रशंसनीय, सुरक्षा का दायित्व कार्यपालिका पर

भोपाल. मध्य प्रदेश में सरकार बचाने और गिराने के सियासी ड्रामे में चिट्‌ठी वॉर से भी राजनीति गरमाई हुई है। मंगलवार शाम को स्पीकर एनपी प्रजापति ने राज्यपाल लालजी को पत्र लिखकर विधायकों की सुरक्षा पर चिंता जताई तो राज्यपाल ने भी कुछ ही घंटे में पत्र का जवाब दिया। उन्होंने पत्र के बिंदुओं पर सवालों तो उठाए ही, विधायकों की सुरक्षा को लेकर स्पीकर पर तंज कसा। कहा- सुरक्षा का काम कार्यपालिका का है। ऐसा प्रतीत होता है कि ये पत्र त्रुटिवश मेरे पास भेज दिया गया। इससे पहले राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच भी फ्लोर टेस्ट को लेकर चिट्‌ठी पत्र में सवाल-जवाब किए गए। राज्यपाल और मुख्यमंत्री एक-दूसरे को दो-दो बार पत्र लिख चुके हैं।

विधायकों के लिए चिंतित हूं, डर दूर करें: राज्यपाल से स्पीकर
विधानसभा अध्यक्ष प्रजापति ने राज्यपाल टंडन को पत्र लिखा, ‘‘मुझे दूसरे लोगों के माध्यम से 16 विधायकों के इस्तीफे मिले हैं। विधायकों को सदन के नियमों के अनुसार व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए कहा गया था, लेकिन उनमें से किसी ने भी उसका पालन नहीं किया। इस्तीफों पर विचार चल रहा है। उनमें से कुछ विधायकों के परिजन ने उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। मैं उन विधायकों के लिए चिंतित हूं और आपसे अनुरोध करता हूं कि हमारे डर को दूर करने के लिए कोई ठोस कदम उठाएं।’’

स्पीकर ने अपने पत्र में सवाल भी किए थे

  • यदि यह इस्तीफे स्वेच्छा से प्रस्तुत किए गए होते तो क्या संबंधित विधायक के परिवार के सदस्य, निकट संबंधी या उनके कार्यकर्ता साथी नहीं होते?
  • क्या यह स्पष्टत: संविधान के मौलिक अधिकारों में प्रदत्त स्वतंत्रता के अधिकारों का उल्लंघन नहीं है?
  • क्या प्रदेश के अन्य राजनेताओं की तरह ही इनके द्वारा स्वछंद वातावरण में प्रेस के सम्मुख निर्भीक होकर स्वेच्छा से बयान दिए जा रहे हैं?

राज्यपाल के कमलनाथ को लिखे दो पत्र चर्चा में

राज्यपाल की पहली चिट्‌ठी 14 मार्च को लिखी गई, जिसमें सरकार से फ्लोर टेस्ट के लिए कहा गया। 16 मार्च को उन्होंने दूसरी चिट्‌ठी तब लिखी, जब विधानसभा में फ्लोर टेस्ट नहीं कराया गया। इस पत्र में राज्यपाल ने सरकार पर नाराजगी जताते हुए कहा- ‘‘अगर 17 अगर को फ्लोर नहीं कराया तो माना जाएगा कि सरकार अल्पमत में है।’’ राज्यपाल की नाराजगी सार्वजनिक होने पर मुख्यमंत्री ने मुलाकात की और पत्र जारी किया।

View Comments (0)

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Scroll To Top