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सिंधिया पर दिग्विजय ने तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘महाराज’ से ऐसे धोखे की उम्मीद नहीं थी

सिंधिया पर दिग्विजय ने तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘महाराज’ से ऐसे धोखे की उम्मीद नहीं थी

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने पर अपनी चुप्पी तोड़ी है. दिग्विजय सिंह ने ट्विटर पर लिखा है कि उन्हें महाराज से ऐसे धोखे की उम्मीद नहीं थी. कांग्रेस नेता ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक राज्यसभा सीट और कैबिनेट में जगह के लिए कांग्रेस और गांधी परिवार को धोखा दिया.

 

दिग्विजय सिंह ने ट्विटर पर लिखा, ”मैंने कभी यह उम्मीद नहीं की थी कि महाराज (माफ करें क्योंकि मैं खुद सामंती पृष्ठभूमि से आता हूं, इसलिए मैं ज्योतिरादित्य के रूप में उन्हें संबोधित नहीं करता) कांग्रेस और गांधी परिवार को धोखा देंगे, वो भी किसके लिए? मोदी-शाह के तहत राज्यसभा और कैबिनेट में जगह के लिए? मुझे दुख है, कभी भी उनसे यह उम्मीद नहीं करता था.”

दिग्विजय ने आगे लिखा कि ”लेकिन कुछ लोगों के लिए सत्ता की भूख ज्यादा जरूरी है, बजाय विश्वसनीयता और विचारधारा के जो एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए बहुत जरूरी है.” उन्होंने आगे लिखा कि ”मैं संघ/बीजेपी से बिलकुल सहमत नहीं हूं लेकिन उनकी विचारधारा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की प्रशंसा करता हूं.”

बता दें कि 18 सालों तक कांग्रेस पार्टी में रहने के बाद इस्‍तीफा देकर बीजेपी का दामन थामने वाले ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया को कुछ ही घंटे के भीतर राज्यसभा का टिकट मिल गया. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद सिंधिया ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी बदल चुकी है और अब उसके जरिए जनसेवा संभव नहीं थी. सिंधिया की बगावत के बाद मध्य प्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार मुश्किल में आ गई है क्योंकि सिंधिया खेमे के 22 विधायकों ने भी इस्तीफा दे दिया है.

 

सिंधिया ने बताए थे कांग्रेस छोड़ने के तीन कारण

 

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस छोड़ने के पीछे तीन वजह बताई थी. पहली ये कि कांग्रेस पार्टी वास्तिवकता से इंकार रही है. दूसरी ये कि नए नेतृत्व को मान्यता नहीं मिल रही है. तीसरी ये कि 18 महीने में मध्य प्रदेश को लेकर जो सपने देखे थे वे पूरी तरह से बिखर गए.

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