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कांग्रेस ने दिल्ली हिंसा को लेकर दिया स्थगन प्रस्ताव

कांग्रेस ने दिल्ली हिंसा को लेकर दिया स्थगन प्रस्ताव

नई दिल्ली। Parliament Budget Session का दूसरा सत्र शुरू हो गया है और यह सत्र के बेहद ही हंगामेदार होने वाला है। कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को दिल्ली में हुई हिंसा के मामले में घेरने की तैयारी की है। इस पर बहस के लिए कांग्रेस ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव भी दे दिया है। वहीं आम आदमी पार्टी के सासंदों ने सत्र शुरू होने के पहले ही परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास खड़े होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। दूसरी तरफ राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण सदन का कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित हो गई है।

बजट सत्र के दूसरे हिस्से के पहले ही दिन संसद में दिल्ली दंगे पर सियासी संग्राम लगभग तय है। विपक्षी दलों ने इस दंगे में बड़ी संख्या में मौतों और बर्बादी पर केंद्र सरकार को घेरने के लिए संसद के दोनों सदनों में कार्यस्थगन प्रस्ताव दिया है। कांग्रेस ने दंगों में केंद्र सरकार खासकर गृहमंत्रालय की नाकामी को मुद्दा बनाते हुए संसद में भी गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग उठाने की घोषणा की है।

 

आज संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष की ओर से दिल्ली के दंगे में हुई मौतों और घायलों का मुद्दा उठाएगा। विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं और रणनीतिकारों की रविवार को हुई अनौपचारिक चर्चा में इस पर सहमति बन गई।

कांग्रेस समेत तमाम दूसरे विपक्षी दलों के नेताओं की ओर से दोनों सदनों में कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस देते हुए प्रश्नकाल स्थगित कर दिल्ली दंगों के हालात पर चर्चा की मांग उठाई जाएगी। लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी की अगुआई में तो राज्यसभा में नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद के नेतृत्व में कार्यस्थगन नोटिस दिया जाएगा। बजट सत्र के दूसरे हिस्से में दोनों सदनों की बैठक अगले एक महीने चलेंगी और तीन अप्रैल को यह सत्र समाप्त होगा।

अधीर रंजन चौधरी ने साफ कहा कि केंद्र सरकार की विफलता का परिणाम है दिल्ली का दंगा, क्योंकि दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आती है। दिल्ली पुलिस दंगों के दौरान पहले दो-तीन दिन मूक दर्शक बनी रही, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोगों ने जान गंवाई है और करोड़ रुपये की संपत्ति नष्ट हुई है। ऐसे में दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। चौधरी ने कहा कि कांग्रेस इस नाकामी के लिए सदन में गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग करेगी। माकपा के सांसद केके राकेश ने कहा, ” मैंने इस मुद्दे पर सदन में चर्चा के लिए राज्यसभा अध्यक्ष को नियम 267 के तहत नोटिस दिया है।” भाकपा महासचिव डी. राजा ने कहा कि दिल्ली पुलिस की निष्क्रियता को लेकर उनकी पार्टी सदन में गृहमंत्री से जवाब मांगेगी, क्योंकि पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन ही आती है।

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