Monday, October 26, 2020
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उमर अब्दुल्ला की हिरासत के खिलाफ बहन सारा पायलट ने याचिका दायर की

नई दिल्ली. जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी के नेता उमर अब्दुल्ला की हिरासत के खिलाफ सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई। उनकी बहन सारा अब्दुल्ला पायलट ने याचिका में कहा है कि उमर की हिरासत उनकी अभिव्यक्ति के अधिकार का हनन है। यह सरकार की तरफ से अपने विरोधियों की आवाज दबाने की कोशिश है।

जम्मू कश्मीर के दो बड़े नेता उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती पर 6 फरवरी को पीएसए के तहत केस दर्ज किया गया था। दोनों की हिरासत की अवधि इसी दिन खत्म हो रही थी। इन दोनों को अगस्त, 2019 से सरकारी गेस्ट हाउस में नजरबंदी में रखा गया है। पुलिस ने डॉजियर में लिखा कि उमर अब्दुल्ला का जनता पर खासा प्रभाव है, वे किसी भी कारण के लिए जनता की ऊर्जा का इस्तेमाल कर सकते हैं। पुलिस ने कहा कि महबूबा ने राष्ट्रविरोधी बयान दिए और वे अलगववादियों की समर्थक हैं।

क्या है पीएसए?

पीएसए के तहत सरकार किसी भी व्यक्ति को भड़काऊ या राज्य के लिए नुकसानदेह मानकर हिरासत में ले सकती है। यह कानून आदेश देने वाले अफसर के अधिकार क्षेत्र की सीमा के बाहर व्यक्तियों को हिरासत में लेने की अनुमति देता है। कानून के सेक्शन 13 के मुताबिक, हिरासत में लेने का आदेश केवल कमिश्नर या डीएम जारी कर सकता है। इसमें कोई भी यह कहने के लिए बाध्य नहीं है कि कानून जनहित के खिलाफ है।

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