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राष्ट्रपति कोविंद ने अभिभाषण में नागरिकता कानून का जिक्र किया, विपक्ष का हंगामा

राष्ट्रपति कोविंद ने अभिभाषण में नागरिकता कानून का जिक्र किया, विपक्ष का हंगामा

नई दिल्ली. बजट सत्र आज से शुरू हो गया। सबसे पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संसद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि मसले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद देश ने परिपक्वता का परिचय दिया। विरोध के नाम पर हिंसा लोकतंत्र को अपवित्र करती है। कोविंद ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का भी जिक्र किया। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया। आज ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश करेंगी।

दिल्ली में सरकार के विकास के काम बताए
कोविंद ने कहा कि दिल्ली में रहने वाले 40 लाख से ज्यादा लोग बरसों से इस अपेक्षा में जी रहे थे कि एक दिन उन्हें अपने घर का मालिकाना हक और गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार मिलेगा। दिल्ली की 1700 से अधिक कॉलोनियों में रहने वाले लोगों की इस अपेक्षा को भी सरकार ने पूरा किया है।

अनुच्छेद 370
राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कहा था कि क्या जम्मू-कश्मीर के लोगों को वे मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने चाहिए, जो बाकी देशवासियों को मिलती हैं। अनुच्छेद 370 हटाने से जम्मू-कश्मीर के लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़ेंगे। वहां के हर व्यक्ति को मूल अधिकार मिलेंगे।’’

‘‘पिछले साल जम्मू-कश्मीर में विकास कार्य तेज हुए। पंचायत चुनाव कराए गए। 24 हजार से ज्यादा घर बनाए गए।
सरकार के फैसलों ने देशवासियों की अपेक्षाएं और सरकार की जिम्मेदारियां भी बढ़ाई हैं। करतारपुर कॉरिडोर खोलना सौभाग्य की बात है। श्रद्धालु गुरु नानक देव के 500वें प्रकाश पर्व पर लोग करतारपुर जा पाए।’’

‘उज्ज्वल भविष्य के लिए नींव बने’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2020 का यह प्रथम सत्र है। दशक का भी यह प्रथम सत्र है। हम सबकी कोशिश हो कि इस सत्र में दशक के उज्ज्वल भविष्य के लिए मजबूत नींव बनाई जाए। यह सत्र मूलत: आर्थिक नीतियों पर केंद्रित होगा। वैश्विक परिस्थितियों में भारत के सभी लोगों को लाभ मिले, इस पर हमारा बल रहेगा। मैं चाहता हूं कि इस सत्र में लोगों के सशक्तिकरण पर सार्थक चर्चा हो।

कांग्रेस का प्रदर्शन

बजट सत्र के पहले कांग्रेस ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। इसमें पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत कई नेता शामिल हुए। विरोध के दौरान ‘भारत बचाओ’, ‘संविधान बचाओ’ और ‘सीएए नहीं चाहिए’ के नारे लगाए।

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