Thursday, October 29, 2020
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भारत में मिला एचआईवी का नया खतरनाक वायरस

आगरा। भारत में एचआईवी के नए खतरे ने दस्तक दे दी है। देश में एचआईवी के नए जानलेवा वायरस से एड्स फैल रहा है। यह नया खतरनाक वायरस पहले से एड्स का संक्रमण कर रहे एचआईवी वन और टू से मिलकर बना है। घाना के बाद भारत दूसरा देश है जहां पर एचआईवी का नया वायरस मिला है। आगरा स्थित केएनसीसी-फतेहाबाद में एसोसिएशन ऑफ फिजीशियन ऑफ इंडिया के 75वें वार्षिक सम्मेलन (एपीकॉन) में पद्मश्री भारत की एड्स विशेषज्ञ डॉ. अलका देशपांडे ने नए वायरस की जांच, इलाज और रोकथाम को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की।

नौ जनवरी तक चलने वाली एपीकॉन में तीसरे दिन बुधवार को जेजे हॉस्पिटल मुंबई के मेडिसिन विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष और एड्स मरीजों के लिए शुरू किए गए एंटी रिट्रो वायरल थैरेपी (एआरटी) सेक्शन की पूर्व हेड डॉ. अलका देशपांडे ने बताया कि भारत में एड्स रोगी 30 साल तकअच्छी जिंदगी जी रहे हैं। इन सभी मरीजों में एचआईवी का संक्रमण एचआईवी वन (ह्‌यूमन इम्यूनो डिफिशियंसी वायरस) और एचआईवी टू से फैल रहा था। इन दोनों केस में एआरटी के बहुत अच्छे नतीजे सामने आए हैं। लेकिन, अब एचआईवी का नया वायरस संक्रमण फैला रहा है। यह वायरस एचआईवी वन और टू दोनों से मिलकर बना है।

इस वायरस के अब तक 99 सर्कुलेटिंग रीकांबीनेंट फॉर्म सामने आ चुके हैं। घाना में एचआईवी के मरीजों में 66 फीसद नया वायरस मिल रहा है। भारत में भी बड़ी संख्या में नए वायरस से संक्रमित मरीज पाए जा रहे हैं। मगर, यहां एचआईवी वायरस की जांच के लिए वायरोलॉजी लैब नहीं है। यह पहले से ज्यादा घातक है और इसमें मरीज की जान बचाना ज्यादा मुश्किल होगा।

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने इस मौके पर जीका, इबोला, निपाह व यलो फीवर फैलाने वाले वायरस को लेकर अलर्ट किया है। एपीकॉन में डॉक्टरों से इन वायरस से फैलने वाली बीमारियों के लक्षण, रोकथाम और इलाज पर काम करने के लिए कहा है।

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