Now Reading
आंचलिक पत्रकारिता में बसती है राष्ट्रीय पत्रकारिता की जान

आंचलिक पत्रकारिता में बसती है राष्ट्रीय पत्रकारिता की जान

-ग्रामीण पत्रकारिता संस्थान का आयोजन
-“आंचलिक अखबारों की राष्ट्रीय पत्रकरिता” पुस्तक पर चर्चा और मीडिया सँवाद सम्पन्न
ग्वालियर।राष्ट्रीय पत्रकारिता की जान  है आंचलिक पत्रकारिता।देश के वास्तविक मुद्दे जो राष्ट्रीय महत्व के बन जाते है उनके बुनियादी तत्व आज भी भारत के आंचलिक पत्रकार ही उपलब्ध कराते है।सही मायनों में लोककल्याण कारी सियासत को भी आंचलिक पत्रकारिता ही पथ प्रदर्शन करती है। समवेत रूप से यह बात आज ग्रामीण पत्रकारिता विकास संस्थान के आयोजन में आज वक्ताओं ने कही।अवसर था प्रख्यात पत्रकार  हरीश पाठक की हाल ही प्रकाशित पुस्तक” आंचलिक अखबारों की राष्ट्रीय पत्रकारिता”पर चर्चा एवं सम्मान।इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय सांसद  विवेक शेजवलकर के अलावा  हरीश पाठक, वरिष्ठ पत्रकार  राजेश बादल,अपैक्स बैंक के अध्यक्ष  अशोक सिंह, रविन्द्र झारखरिया, घनश्याम भारती,एवं  देव श्रीमाली एवं  अमित जैन मंचासीन थे।
समारोह के मुख्य वक्ता  राजेश बादल ने अपने उदबोधन में कहा कि हरीश पाठक की यह पुस्तक आजादी के बाद मुल्यानुगत और सरोकारों की पत्रकारिता के लिए एक अद्वितीय सन्दर्भ ग्रन्थ है।उन्होंने कहाकि सामाजिक न्याय और हाशिए  पर पहुचा दिए गए लोगों के लिए आज की पत्रकारिता न्याय नही कर पा रही है। आज सरोकारों के स्थान पर स्वार्थ की पत्रकारिता हावी हो रही है।उन्होंने आशा जताई कि आने वाले वक्त में भारत की पत्रकारिता आम आदमी के सरोकारों का प्रतिनिधित्व करेगी।श्री बादल ने” राजेन्द्र माथुर फैलोशिप “के माध्यम से अस्तित्व में आई हरीश पाठक की यह पुस्तक पत्रकारिता के पाठ्यक्रम के लिये बहुत ही निर्णायक साबित होगी।
पत्रकार और ख्यातिनाम साहित्यकार  हरीश पाठक ने आंचलिक पत्रकारिता के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि बिहार में चारा घोटाले से लेकर  पंजाब की ताकतवर नेत्री बीबी जागीर कोर को  जेल जाने की पटकथा इन राज्यों के आंचलिक पत्रकारों ने ही लिखी।श्रीपाठक ने कहा कि आज  राष्ट्रीय मीडिया का वास्तविक चेहरा आंचलिक पत्रकारों द्वारा ही निर्धारित होता है।श्री पाठक ने कहाकि भारत मे मूल्य ,निष्ठा,साहस और विश्वास की पत्रकारिता तुलनात्मक रूप से आंचलिक पत्रकार ही कर रहे है।
मुख्य अतिथि के रूप में समारोह को सम्बोधित करते हुए क्षेत्रीय सांसद  विवेक शेजवलकर ने कहाकि पत्रकारिता हमेशा से लोकतंत्र को दिशा देती रही है।आज मीडिया ने भारत मे समावेशी समाज के निर्माण में महती भूमिका निभा रहा है।श्री शेजवलकर ने हरीश पाठक की पुस्तक को नई पीढ़ी के लिए एक एनसाइक्लोपीडिया निरूपित किया और घोषणा की कि वह अपनी स्वेच्छा निधि से अंचल की सभी लायब्रेरी में उपलब्ध कराएंगे। अपैक्स बैंक के अध्यक्ष  अशोक सिंह ने भी समारोह में व्यक्त की गई चिंताओं को समयानुकूल बताया।
इससे पूर्व साहित्यकार  घनश्याम भारती ने हरीश पाठक के जीवन व्रत पर प्रकाश डाला।संस्थान के अध्यक्ष  देव श्रीमाली ने संस्थान की गतिविधियों और आयोजन के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी।वरिष्ठ पत्रकार रवि शेखर,गोपाल गुप्ता,धर्मेंद्र तोमर,सुरजीत सिंह,अंशुमान शर्मा,जितेंद्र जादोन्न,एकात्मा शर्मा,राज दुबे,भूपेंद्र प्रेमी ,जितेंद्र श्रीवास्तव,दीपक दिलेर,ललिता दीक्षित,ने मंचासीन अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया।समारोह में आये सभी अतिथियों को आयोजकों द्वारा स्मृति चिन्ह भेँट किये गए।आभार प्रदर्शन  जितेंद्र जादौन ने व्यक्त किया।कार्यक्रम का संचालन डॉ  अजय खेमरिया ने किया।
समारोह में वरिष्ठ पत्रकार  राम विद्रोही,डॉ केशव पांडे,मदन मोहन दानिश,मदन,डॉ एम एस तोमर, राकेश अचल,डॉ अतुल अजनबी,प्रदीप मांडरे, जोगेंद्र सेन,कमल माखीजानी, राज हंस सेठ,नईम कुरैशी,साबिर अली,राकेश अचल,राजेन्द्र श्रीवास्तव, नासिर गौरी,जावेद खान,विवेक पाठक, भगवान स्वरूप चैतन्य, राजेश शर्मा, हरीश मेवाफरोश, निरंजन उपाध्याय, प्रकाश मिश्रा,राकेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, साहित्यकार, गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
View Comments (0)

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Scroll To Top