देशभर में देखा गया दशक का आखिरी ग्रहण, 2:52 घंटे तक चंद्रमा के आगोश में रहा सूर्य

दशक का आखिरी सूर्य ग्रहण गुरुवार सुबह 8:04 बजे शुरू हुआ। भारत में ग्रहण काल 2:52 घंटे तक रहा। 9:30 बजे मध्य काल हुआ और 10:56 बजे ग्रहण खत्म हुआ। ये मुंबई, बेंगलुरु, दिल्ली, चेन्नई, मैसूर, कन्याकुमारी समेत देश के कई शहरों में दिखाई दिया। अधिकतम स्थानों पर खंडग्रास और दक्षिण भारत की कुछ जगहों पर कंकणाकृति सूर्य ग्रहण नजर आया। केरल के कारगोड़ा, महाराष्ट्र के मुंबई और यूएई के दुबई में चंद्रमा ने सूर्य को ढक लिया और रिंग ऑफ फायर की स्थिति नजर आई। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, भारत के अलावा ये ग्रहण एशिया के कुछ देश, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया में भी दिखाई दिया।
सूर्य ग्रहण के दौरान धनु राशि में एक साथ 6 ग्रह स्थित में रहे। आज पौष मास की अमावस्या तिथि है। ग्रहण के बाद पवित्र नदी में स्नान करने की परंपरा है। इसके बाद अगला सूर्य ग्रहण 21, जून 2020 को होगा, ये भारत में दिखाई देगा। 26 दिसंबर के सूर्य ग्रहण के बाद एक राशि में 6 ग्रहों के साथ सूर्य ग्रहण का योग 559 साल बाद सन 2578 में बनेगा।काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के डॉ. गणेश प्रसाद मिश्रा बताते हैं कि ऐसा दुर्लभ सूर्यग्रहण 296 साल पहले 7 जनवरी 1723 को हुआ था। उसके बाद ग्रह-नक्षत्रों की वैसी ही स्थिति 26 दिसंबर को रहेगी। इस दिन मूल नक्षत्र और वृद्धि योग में सूर्य ग्रहण पड़ रहा है। 296 साल बाद दुर्लभ योग बन रहे हैं। इस दिन मूल नक्षत्र में 4 ग्रह रहेंगे। वहीं, धनु राशि में सूर्य, चंद्रमा, बुध, बृहस्पति, शनि और केतु रहेंगे। इन 6 ग्रहों पर राहु की पूर्ण दृष्टि भी रहेगी। इनमें 2 ग्रह यानी बुध और गुरु अस्त रहेंगे। इन ग्रहों के एक राशि पहले (वृश्चिक में) मंगल और एक राशि आगे (मकर में) शुक्र स्थित है।