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शोध पत्रिका समागम का नया अंक कर्मवीर एवं मूकनायक पर केंद्रित होगा

शोध पत्रिका समागम का नया अंक कर्मवीर एवं मूकनायक पर केंद्रित होगा

भोपाल /विगत 19 वर्षों वर्षों से नियमित  प्रकाशित शोध पत्रिका समागम  मीडिया सिनेमा  एवं सोसाइटी के विषयों  पर केंद्रित एक अलग किस्म की शोध पत्रिका है। समय-समय पर विभिन्न विषयों को लेकर पत्रिका का प्रकाशन किया जाता रहा है।

वर्ष 2020 जनवरी माह में पंडित माखनलाल चतुर्वेदी द्वारा संपादित कर्मवीर पत्रिका एवं बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा संपादित मूक नायक के 100 वर्ष  पूर्ण  हो रहे हैं । इस अवसर पर  समागम  एक विशेष अंक का  संयोजन कर रही है  जो  वर्तमान पत्रकारिता  एवं  पराधीन भारत की पत्रकारिता  का  एक अध्ययन क्रम होगा।  यह अपने आप में  महत्वपूर्ण अंक होगा। शोध पत्रिका समागम  इसके पहले भी  ऐसे ही महत्वपूर्ण विषयों पर अनेक अंको का प्रकाशन  कर चुकी है।  महात्मा गांधी के डेढ़ सौ वर्ष  पूर्ण होने पर  समागम के  दो विशेष अंक प्रकाशित  किये जा चुके हैं । इस क्रम में  देश की  संभवत  अकेली पत्रिका है  जिसने  महात्मा गांधी के साथ  कस्तूरबा गांधी  पर भी  केंद्रीत सामग्री का  प्रकाशन  किया था।  उल्लेखनीय की  गांधी के जन्म के  6 माह पूर्व  कस्तूरबा गांधी का  जन्म हुआ था और  दोनों ही  का  यह  150 हुआ जन्म वर्ष है  शोध पत्रिका समागम  फरवरी 2020  में अपने 20 वर्ष में  प्रवेश कर रही है।  शोध पत्रिका समागम के साथ  देश के  सुपरिचित पत्रकार शिक्षाविद एवं शोधार्थी जुड़े हुए हैं और समय-समय पर वे पत्रिका को अपने लेखन से समृद्ध करते हैं। समागम के सिनेमा के 100 वर्ष अंक चर्चा में रहा।

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