Sunday, October 25, 2020
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शांति मार्च में शामिल हुए गहलोत, बोले- हठधर्मिता छोड़ जनभावनाओं को समझे सरकार

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में रविवार को 7 दल और सिविल सोसायटी रविवार अल्बर्ट हॉल से गांधी सर्किल तक शांति मार्च निकाला जा रहा है। इसके जरिये संदेश दिया जाएगा कि देश संविधान की मूलभावना के आधार पर चलेगा और चलना चाहिए। गहलोत ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को विभाजनकारी फैसला बताते हुए केंद्र से इसे वापस लेने की मांग की।

दूसरी ओर माहौल खराब होने की आशंका को देखते हुए पुलिस की ओर से जयपुर शहर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। मेट्रो को दोपहर दो बजे तक बंद रखा जाएगा तो शाम चार बजे तक बसें भी नहीं चलेंगी। इंटरनेट रात आठ बजे तक बंद रहेगा। इससे ऑनलाइन कारोबार पर असर पड़ना तय है। वहीं सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए गए हैं। पुलिस का जाप्ता हर जगह तैनात किया गया है।

शांति मार्च से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बोले कि केंद्र सरकार को जनभावनाओं को समझाना चाहिए। गृहमंत्री अमित शाह कह रहे हैं कि मैं नागरिकता कानून को हर हाल में देशभर में लागू करवा कर रहूंगा। इतना हिंसा के बाद भी अभी भी धमकाने वाले बयान आ रहे हैँ। अपने स्वार्थ के लिए संविधान का गला घोटना ठीक नहीं। उन्होंने कहा कि जामिया मिलिया से शुरू होकर देशभर में आंदोलन छा गया। इसमें सभी धर्मों के लोग प्रभावित होंगे। हिंसा की खबरें सिर्फ भाजपा शासित राज्यों से ही क्यों आ रही है। गहलोत ने कहा कि शांति मार्च मौन निकलेगा, इसमे कोई नारेबाजी नहीं होगी तथा तख्तियां लेकर लोग अपना संदेश देंगे।

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