Monday, October 26, 2020
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मध्यप्रदेश में भूमाफियाओं की सम्पात्ति की रजिस्ट्री रोकने की तैयारी 

‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत इंदौर जिला प्रशासन ने भूमाफिया की आर्थिक रीढ़ पर एक और प्रहार किया है। इसके तहत इंदौर जिले में भूमाफिया की अचल संपत्ति जैसे भूमि, भवन, मकान, दुकान किसी की भी रजिस्ट्री नहीं की जाएगी। इस बारे में कलेक्टर लोकेश जाटव ने वरिष्ठ जिला पंजीयक को निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रदेश में भूमाफिया को घेरने का संभवत: अपनी तरह का यह पहली बार उठाया गया कदम है।

 

 

 

कलेक्टर के इस निर्देश से भूमाफिया और उनसे जुड़े लोगों के हाथ और बंध गए हैं। वे अपनी अचल संपत्ति किसी को हस्तांतरित या बेच भी नहीं सकेंगे। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि इंदौर जिले में भूमाफिया की अचल संपत्ति के अंतरण के लिए पेश किए जाने वाले दस्तावेज का पंजीयन आगामी आदेश तक नहीं किया जाए। भूमाफिया के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की जांच भी जारी है। ऐसे भूमाफिया जिनके खिलाफ कार्रवाई जारी है, उनके द्वारा अचल संपत्ति के हस्तांतरण के लिए दस्तावेज पेश किए जाते हैं तो रजिस्ट्री नहीं की जाए। इस आदेश का पालन इंदौर के जिला पंजीयक क्रमांक-2, 3, 4 और सभी वरिष्ठ उप पंजीयक व अन्य उप पंजीयकों को भी करना होगा।वरिष्ठ जिला पंजीयक बीके मोरे ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देश से सभी जिला पंजीयकों और उप पंजीयकों को अवगत करा दिया गया है। प्रशासन और पुलिस के स्तर पर जिन भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई चल रही है, उनके नाम से दर्ज अचल संपत्ति का पंजीयन नहीं किया जाएगा। इन पर खास तौर से निगरानी रखी जाएगी।

 

 

 

 

कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव का कहना है कि भू-माफिया को हम कोई मौका नहीं देना चाहते। केवल भूमाफिया के नाम पर ही नहीं, उनकी पत्नी, भाइयों, बच्चों या अन्य रिश्तेदारों के नाम पर भी कोई अचल संपत्ति होगी तो उसकी जानकारी निकाली जा रही है। पूरी तफ्तीश की जा रही है। जिन लोगों के प्लॉट या मकान फंसे हैं, वे पीड़ित भी हमें यह जानकारी दे रहे हैं कि भू-माफिया की अचल संपत्ति कहां है? यदि वह किसी कंपनी में डायरेक्टर है और उसमें अपनी अचल संपत्ति ट्रांसफर कर रखी है तो वहां भी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के डर से कोई भू-माफिया शहर छोड़कर किसी नए शहर में भी यही सब कर सकता है, लेकिन हम इतनी तैयारी कर रहे हैं कि उसे ऐसा करने का कोई मौका न मिल पाए।

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