Sunday, January 17, 2021
देशराज्य

नागरिकता बिल: 36 घंटे में बदल गया नंबर गेम

नागरिकता संशोधन विधेयक लोकसभा से पास होने के बाद मोदी सरकार आज यानी बुधवार को 12 बजे इसे उच्चसदन में पेश करेगी. लोकसभा में तो सरकार को इस बिल को पास कराने में कोई दिक्कत नहीं हुई, लेकिन 36 घंटे में समीकरण बदल गए हैं. लोकसभा में समर्थन करने वाली शिवसेना ने विधेयक को समर्थन देने के लिए शर्त रखकर मोदी सरकार को फिलहाल टेंशन में डाल दिया है.

केंद्र सरकार विधेयक पारित कराने के लिए पूरा जोर लगा रही है. राज्यसभा में बहुमत का जुगाड़ करने के लिए सरकार के रणनीतिकारों ने कई बैठकें की हैं. वहीं, विपक्ष भी राज्यसभा में अपनी ताकत दिखाने का पूरा प्रयास कर रहा है. ऐसे में शिवसेना और जेडीयू का रुख राज्यसभा में बेहद अहम होगा.

नागरिकता संशोधन बिल

नागरिकता संशोधन विधेयक में हिंदू, जैन, ईसाई, सिख, बौद्ध और पारसी समुदाय को भारतीय नागरिकता देने का प्रस्ताव है. इस विधेयक से मुस्लिम समुदाय को बाहर रखा गया है. सोमवार को इस विधेयक के पक्ष में जेडीयू, शिवसेना, बीजेडी और पूर्वोत्तर के कुछ दलों के साथ आने के चलते यह आसानी से पास हो गया था. लेकिन राज्यसभा में सरकार की इस विधेयक को पास करना अंतिम अग्निपरीक्षा होगी.

शिवसेना ने मारी पलटी

लोकसभा में बिल का समर्थन करने वाली शिवसेना ने मंगलवार को यू-टर्न लेकर असमंजस बढ़ा दिया. उद्धव ठाकरे ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक का जो भी विरोध कर रहे हैं, उन सभी को देशद्रोही मानना भ्रम है. केवल बीजेपी ही देश का ध्यान रख सकती है ये भी भ्रम है. शरणार्थी कहां और किस प्रदेश में रखे जाएंगे. ये सारी बातें स्पष्ट होनी चाहिए. साथ ही शिवसेना ने कहा था कि शरणार्थियों को 25 साल तक वोट करने का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए.

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