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पीएम आवास योजना में बड़ा घोटाला उजागर, एफआईआर दर्ज

कंपनी के कर्मचारी को बनाया आरोपी,धोखाधड़ी का मामला हुआ दर्ज

रतलाम में प्रधानमंत्री आवास योजना में कलेक्टर की अनुमोदित सूची में फेरबदल कर तेरह पात्रों के स्थान पर अन्य नाम व बैंक खाते अंकित करवाकर राशि आवंटन कराने के मामले में रविवार को स्टेशन रोड पुलिस ने नगर निगम के जांच प्रतिवेदन के आधार पर कार्यपालन यंत्री सुरेशचंद्र व्यास की शिकायत पर पीएम आवास योजना के सर्वे एवं अन्य कार्य में लगी कंपनी के कर्मचारी दीपक कुमावत के खिलाफ धोखाधड़ी एवं अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है। इस मामले में अब पुलिस अपने स्तर पर जांच करेंगी एवं अनियमितता में अन्य भी कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई करेगी।

 

 

 

 

 

 

 

जानकारी के अनुसार स्टेशन रोड पुलिस ने कर्मचारी दीपक के खिलाफ धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। इस मामले में जांच प्रतिवेदन के आधार पर फरियादी सुरेशचंद्र व्यास ने स्टेशन रोड थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसके अनुसार आरोपी ने अनुमोदित सूची में बजरंग नगर के 13 नामों में फेरबदल कर पात्र लोगों के स्थान पर 13 अपात्र लोगों को धोखाधड़ी और षडय़ंत्र पूर्वक जोड़ दिए और इन 13 अपात्र लोगों के खाते में शासन के कुल 13 लाख रुपए याने प्रत्येक के खाते में एक लाख रुपए भी जमा हो गए । मामला सामने आने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर निगम आयुक्त ने मामले की जांच कराई ।

 

 

 

 

 

 

जांच में सामने आया कि जिला कलेक्टर से अमुमोदित एक सूची जिसमें 320 हितग्राहियों के नाम थे, उसमें सरल क्रमांक 102 से 135 वाले दो पन्नों पर बजरंग नगर के 13 नामों में फेरबदल किया गया। प्रांरभिक जांच में अनियमितता इस कार्य के लिए नियुक्त कंपनी के कर्मचारी दीपक की मिली। इस सबंध में निगम ने जांच प्रतिवेदन और अन्य दस्तावेज स्टेशन रोड पुलिस को सौंपे और उस आधार पर पुलिस ने इस मामले में प्रकरण दर्ज किया।

 

 

 

 

 

 

 

क्या है मामला
पुलिस के अनुसार पीएम आवास योजना में ईश्वर नगर, बिरियाखेड़ी और बंजरग नगर के 1483 हितग्राहियों को लाभान्वित करने की योजना थी। इन 1483 हितग्राहियों का मौके पर पात्रता के मान से सेडमेप कंपनी से सर्वे कराया गया।सत्यापन उपरांत 619, 540 और 320 हितग्राहियों की अलग-अलग तीन सूचियंा बनाई गई। इस पर निगम के उपयंत्री , सहायक यंत्री , कार्यपालन यंत्री और पीएम आवास योजना कार्य में लगी कंपनी के अधिकारियों सहित निगम आयुक्त ने हस्ताक्षर कर तीनों सूची को कलेक्टर के समक्ष अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया। कलेक्टर के अनुमोदन के पश्चात एक प्रति निगम कार्यालय की नस्ती में रखी गई और एक प्रति सेडमेप कंपनी को योजना की अगली कार्रवाई के लिए दी गई। कंपनी द्वारा जिन हितग्राहियों के बैंक खाते संबधी जानकारी पूर्ण थी, उनकी सूची बनाकर लेखा विभाग में भेज दी गई, जिसके बाद सूची के अनुसार हितग्राहियों के खातों में किश्त जमा कराई गई।

 

 

 

 

 

 

 

इस मामले का खुलासा तब हुआ जब पीएम आवास योजना के लिए एक महिला के खाते में 50 -50 हजार की दो किश्त याने एक लाख रुपए जमा हो गए और वह इसकी शिकायत लेकर निगम पहुंच गई। जब मौके पर उक्त महिला का निवास नहीं मिला तो इस गड़बड़ झाले का पता चला। बाद में जब अनोमोदित सूची की जांच की गई तो पता चला कि सूची में 13 नामों में फेरबदल किया गया है।

 

 

 

 

 

 

 

नगर पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह का कहना है कि
पीएम आवास योजना की अनुमोदित सूची में फेरबदल कर की गई धोखाधड़ी के मामले में निगम द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर स्टेशन रोड थाने में इस कार्य में लगी कंपनी के एक कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी एवं अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस इस मामले की जांच करेगी और यदि अन्य कोई व्यक्ति भी इस मामले में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कानून अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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