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115 पिछड़े जिलों का कायाकल्प करेगी मोदी सरकार

दिल्ली ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 तक न्यू इंडिया बनाने का नारा दिया है. इस नारे को जमीन पर उतारने के लिए सरकार ने अगले पांच सालों में देश के सर्वाधिक पिछड़े 115 जिलों के कायाकल्प करने का संकल्प लिया है. इस योजना में झारखंड के 19 और बिहार के 13 जिले भी शामिल हैं.

 

 

 

ये वो जिले हैं जिसमें शिक्षा,स्वास्थ्य के साथ बिजली,पानी सड़क आदि जैसे बुनियादी सुविधाओं का भी आभाव है, लेकिन अगले 5 सालों में में इन जिलों का कायाकल्प किया जाएगा.

 

 

बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने बताया कि केंद्र सरकार की मंशा देश के सभी जिलों का भी विकास करना है. कुछ राज्य तो आगे बढ़ गये लेकिन कई पिछड़ गए है. पिछड़े जिलों को आगे लाने के लिए केंद्र सरकार ने कार्य योजना तैयार की है.

 

 

 

सुशील मोदी के मुताबिक राज्य और जिलों के बीच विषमता को दूर करने की दृष्टि से ही केंद्र सरकार ने यह योजना तैयार की है और इससे बिहार को काफी लाभ होगा.बिहार के नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा का भी कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के न्यू इंडिया के सपने को पूरा करने के लिए उनका मंत्रालय भी कोई कोर-कसर नही छोड़ेगा. उन्होंने कहा कि पीएम के न्यू इंडिया का सपना पूरा होगा और अगर बिहार के सभी जिलों का विकास हो गया तो न्यू इंडिया में चार चांद लग जायेगा.

 

 

 

 

हालांकि हाल ही में सत्ता से बेदखल हुई राजद का कहना है कि प्रधानमंत्री की यह योजना भी फेल होगी. राजद ने पीएम के न्यू इंडिया के सपने को कोरी बकवास बताते हुए कहा कि केंद्र की सरकार 2019 में ही सत्ता से वापस हो रही है और योजना 2022 की बनायी जा रही है.

राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव का कहना है कि पहले तो बीजेपी और एनडीए के सांसदों को यह बताना चाहिए कि सांसद आर्दश ग्राम योजना का क्या हाल है?.

 

 

हालांकि केंद्र सरकार ने अपने स्मार्ट सिटी योजना के तहत बिहार के चार शहरों का चयन महागठबंधन की सरकार रहते ही किया था और अब बिहार के साथ केंद्र में भी एनडीए की ही सरकार है. जाहिर है जिलों की स्थिति सुधारने की यह योजना बिहार को आगे बढ़ाने में सहायक साबित होगी.

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के न्यू इंडिया के सपने को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने केंद्रीय मंत्रालय में नियुक्त अतिरिक्त अधिकारियों और संयुक्त सचिवों को एक-एक जिले का प्रभार सौंपने जा रही है. जिला का प्रभार संभालने वाले अधिकारी उस जिले का एक्शन प्लान बनाने का काम करने के साथ साथ राज्य सरकार के साथ मिलकर उसे पूरा करने का भी काम करेंगे.

 

 

 

बिहार के खगड़िया, बेगूसराय, कटिहार, पूर्णिया, अररिया, सीतामढी, शेखपुरा, मुजफ्फरपुर, नवादा, औरंगाबाद, गया,बांका और जमुई के साथ, झारखंड के साहिबगंज,पाकुड,गोड्डा,पश्चमी और पूर्वी सिंहभूम, चतरा,पलामू, बोकारो, गढवा, दुमका, रामगढ़, गिरिडीह, हजारीबाग, लातेहार, रांची, लोहरदग्गा, सिमडेगा, खूंटी और गुमला शामिल है.

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