Home / राज्य / छत्तीसगढ़ / बूढ़े पिता ने बिलखते हुए कहा कि कोई भी नक्सली न बने

बूढ़े पिता ने बिलखते हुए कहा कि कोई भी नक्सली न बने

राजनांदगांव। कोपेनकड़का (खड़गांव) के जंगल में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में मारे गए तीन नक्सलियों में पल्लेमाड़ी एलओएस के डिप्टी कमांडर रंजीत उर्फ सुकलाल को आखिरी बार देखने उनके पिता सुकदेव नरेटी अपने बड़े बेटे सुक्कू के साथ नारायणपुर के ऊंचापुर से यहां पहुंचे।

 

मेडिकल कालेज अस्पताल की मरच्युरी में बेटे का शव देखने के बाद पिता सुकदेव की आंखे नम हो गई। बिलखते हुए पिता ने कहा कि मेरा बेटा जवान हो गया था। रोते हुए पिता ने पुलिस की मदद से मठपारा मुक्तिधाम में अपने बेटे के शव का अंतिम संस्कार किया। बूढ़े पिता ने बिलखते हुए कहा कि कोई भी नक्सली न बने।

 

नक्सलियों के साथ जाने से किसी का भला नहीं हो सकता। काश मेरे बेटे को नक्सली अपने साथ नहीं ले जाते तो आज रंजीत मेरे बूढ़ापे का सहारा बनता। पुलिस ने मुठभेड़ में मारे गए दो अन्य नक्सली के शव को भी मरच्युरी में सुरक्षित रखा है। शायद कब कोई बूढ़ा बाप अपने बेटे को आखिरी बार देखने की उम्मींद से आ जाए।

Check Also

नही रहे विंध्य के सियासी शेर श्रीनिवास तिवारी,मप्र की पहली विधानसभा में बने थे सबसे कम उम्र के विधायक

रीवा । कॉंग्रेस के वरिष्ठ नेता व मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री निवास तिवारी …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *